एटा। दिवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद बिगड़ा एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) सुधर नहीं रहा। शनिवार को भी यह 200 से ऊपर रहा। इसके चलते लोगों ने आंखों में जलन महसूस की। बड़ी दिक्कत सांस के रोगियों को हुई। 24 घंटे में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 14 सांस के रोगी भर्ती किए गए।
शुक्रवार के बाद शनिवार को भी एक्यूआई 200 से ऊपर रहा। दोपहर बाद कुछ कम जरूर हुआ था, लेकिन शाम के समय फिर बढ़कर 200 का आंकड़ा पार कर गया। प्रदूषण बढ़ने से सांस के रोगियों को सर्वाधिक दिक्कत रही। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी की बात करें तो यहां शुक्रवार से शनिवार शाम तक 14 सांस के मरीज उपचार के लिए पहुंचे। अधिकांश मरीजों को ऑक्सीजन लगाई गई।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि 200 से अधिक एक्यूआई होने पर सांस और एलर्जी संबंधी समस्या हो सकती है। बेहतर है कि लोग घरों में रहें। यदि किसी कार्य बस बाहर जाना पड़ रहा है तो मास्क का प्रयोग करें। इससे खतरनाक कण हमारी सांसों में जाने से बचेंगे। आंखों और त्वचा पर एलर्जी और श्वसन संबंधी समस्या आदि हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। आंखों में जलन वाले मरीजों की बात करें तो मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में शनिवार को 90 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इसमें से करीब 30 मरीज आंखों में जलन की समस्या के थे।
एक्यूआई को समझें
50 तक एक्यूआई को अच्छा माना जाता है। 51 से 100 तक संतोषजनक और 101 से 200 के बीच को मध्यम कहा जाता है। जबकि 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 तक बहुत खराब और 401 से ऊपर गंभीर श्रेणी में माना जाता है।