जैथरा। जैथरा थाना क्षेत्र में सामाजिक मर्यादा, रिश्तों और दबाव में एक अनोखा फैसला हुआ। शनिवार की रात ननिहाल आए चार बच्चों के पिता को परिजन उसकी ममेरी बहन के साथ आपत्तिजनक अवस्था में पकड़ लेते हैं।
मामला बढ़ता है, पंचायत बैठती है, आरोप-प्रत्यारोप होते हैं और अंत में कानूनी दांव-पेच और सामाजिक लाज के बीच ऐसा फैसला निकलता है जिसने सबको चौंका दिया। युवक की पहली पत्नी विरोध में थी। दुखी थी पर पति को जेल से बचाने के लिए मजबूरी में उसने पति की दूसरी शादी को स्वीकार कर लिया। इस घटना ने एक परिवार नहीं, तीन जिंदगियों की तकदीर ही बदल गई।
मैनपुरी जिले के एक गांव का रहने वाला युवक अपनी ननिहाल जैथरा थाना क्षेत्र के एक गांव में आया हुआ था। शनिवार की शाम भोजन के बाद वह कमरे में सोने चला गया। सब लोगों के सो जाने के कुछ देर बाद ममेरी बहन भी छुपकर उसी कमरे में चली गई। इस बीच परिवार के एक सदस्य की नींद खुली तो मामला सामने आ गया। शोर सुनकर परिजन और मोहल्ले के लोग एकत्रित हो गए। गुस्साए परिजन ने युवक की पिटाई कर दी। सूचना पर युवक की पत्नी अपने चार बच्चों और ससुरालीजन के साथ पहुंच गई।
काफी देर तक दोनों पक्षों में लंबी पंचायत चली। इस दौरान लड़की ने आरोप लगाया कि युवक ने उसके साथ जबरदस्ती की है। इसलिए इसके साथ ही शादी करेगी। मना करने पर दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। इसके बाद दोनों परिवारों की रजामंदी से दोनों की शादी कराई गई। युवक की पहली पत्नी ने पति को जेल जाने से बचाने के लिए यह कदम उठाया।
शनिवार रात समझौते के बाद युवक दोनों पत्नियों के साथ घर लौट गया। इस दौरान उसकी पहली पत्नी बेहद दुखी नजर आई। परिजन ने बताया कि बेटे की गलती बड़ी है लेकिन अब जो हुआ वह बेटे को जेल से बचाने के लिए मजबूरी में करना पड़ा। थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है।