डाक बंगलिया स्थित मेडिकल कॉलेज। संवाद
एटा। शहर के मेडिकल कॉलेज में अब गंभीर बीमारियों पर रिसर्च की शुरूआत होगी। इससे कई बीमारियों पर रिसर्च कर मरीजों को सस्ता उपचार दिया जाएगा। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मेडिकल कॉलेज के रिसर्च प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। रिसर्च फार्मोकोलॉजी विभाग की सेक्रेटरी डॉ. मंजरी की देखरेख में होगी।
मेडिकल कॉलेज में हर रोज वायरस, बैक्टीरिया, फंगस, गैर संक्रामक बीमारियां, हाइपरटेंशन, शुगर, रक्तचाप और कैंसर आदि के मरीज उपचार लेने के लिए आते हैं। रोजाना 2500 से अधिक मरीज आते हैं। 500 से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जाता है। अब गंभीर मरीजों पर रिसर्च की जाएगी। मेडिकल कॉलेज को आईसीएमआर की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। रिसर्च की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग आईसीएमआर द्वारा की जाएगी। वहीं रिसर्च के लिए आवश्यक संसाधन, मैन पावर और उपकरण आईसीएमआर मुहैया कराएगा। मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले पीजी के विद्यार्थी भी रिसर्च में हिस्सा लेंगे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि फार्मोकोलॉजी विभाग की सेक्रेटरी डॉ. मंजरी की देखरेख में रिसर्च की जाएगी। रिसर्च यूनिट मेडिकल कॉलेज में ही खोली गई है। रिसर्च को मंजूरी एथिक्स कमेटी देगी। एथिक्स कमेटी का भी गठन किया जाएगा। कमेटी के गठन की सूचना आईसीएमआर को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि रिसर्च की गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाएगी।