बुधवार को शहर के कचहरी रोड से होकर गुजरता किसानों का जुलूस। संवाद
एटा। संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली किसान आंदोलन की पांचवीं वर्षगांठ पर सरकार के खिलाफ शहर में जुलूस निकाला। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। जुलूस के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन डीएम को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट धरना स्थल तक जुलूस निकाला। जिलाध्यक्ष अनिल प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार संविधान की मूल भावना को ताक पर रखकर निर्णय लिए जा रहे हैं। किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए।
डीएम को ज्ञापन साैंपकर मुख्य चुनाव आयुक्त से एसआईआर की तिथि बढ़ाने की भी मांग की है। इसके अलावा किसानों, मजदूरों और गरीब महिलाओं के कर्ज माफ किए जाने और सभी फसलों को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार लागत का डेढ़ गुना एमएसपी दिए जाने की मांग की।
किसान मोर्चा के उप संयोजक राजाराम यादव ने कहा कि सरकार ऐसे कदम उठा रही है जो खेती पर संकट बढ़ा रहे हैं।