एटा। क्षय रोगियों के संपर्क में आने वाले परिजन को टीबी से बचाने के लिए पहल शुरू होने जा रही है। उनको टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी) मुहैया कराकर स्वस्थ रखा जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य की टीमें विभाग मरीजों के परिजन से संपर्क करेंगी और उनको दवाएं देने के साथ ही जागरूक भी करेंगी।
केंद्र सरकार वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए नई-नई योजनाएं लेकर आ रहीं हैं। अब क्षय रोगी के हर परिजन की टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी दी जाएगी। जिले में 1410 टीबी मरीज हैं, इनके परिजन की संख्या करीब सात हजार है। प्रत्येक मरीज के साथ रहने वाले चाचा, ताऊ और दादा (बाबा) खून के रिश्ते वाले लोग, जो संयुक्त परिवार में रहते हैं उनको उपचार दिया जाएगा।
इसके लिए स्वास्थ्य टीमें लगाई जाएंगी और उनका पूरा ब्योरा जुटाने के बाद काउंसिलिंग कराई जाएगी। इसके बाद जांचें होंगी और टीपीटी लागू कर दी जाएगी। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि क्षय रोगियों के परिवारीजन को एहतियात के तौर पर बचाव के लिए टीपीटी का उपयोग किया जाएगा। इस फार्मूला से मरीज तो स्वस्थ होगा ही, परिजन का जोखिम खत्म हो जाएगा। इससे टीबी मुक्त देश बनाने में सहयोग मिलेगा।