एटा। जिले की दो ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये का गबन किया गया था। गबन का मामला सोशल ऑडिट होने के बाद सामने आया। इस मामले में दो माह पहले ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधानों को नोटिस भी जारी किया गया लेकिन अभी तक धनराशि जमा नहीं की गई है। इस मामले में पंचायती राज विभाग द्वारा रिमाइंडर भेजे जाएंगे।
विकासखंड सकीट की ग्राम पंचायत सोंहार में पूर्व प्रधान मधू ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में कई विकास कार्य कराए थे। जब सोशल ऑडिट द्वारा इन कार्यों की जांच की गई तो पता चला कि 21 लाख 82 हजार 55 रुपये की धनराशि का गबन किया गया। इतनी बड़ी धनराशि से कोई भी कार्य मौके पर नहीं मिला। वहीं दूसरी तरफ विकासखंड शीतलपुर की ग्राम पंचायत जिरसमी में पूर्व प्रधान कप्तान सिंह द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में करीब 7 लाख 49 हजार रुपये के विकास कार्य कराए गए। सोशल ऑडिट टीम के मौके पर कराए गए कार्य नहीं मिले। इसके साथ ही इन कार्यों से संबंधित तथ्य भी नहीं मिले।
इस पर जिला पंचायती राज विभाग की ओर से 21 अगस्त को नोटिस जारी किया गया, लेकिन अभी तक कोई भी धनराशि वापिस नहीं की गई है। जिला पंचायती राज अधिकारी केके सिंह चौहान ने बताया कि ग्राम पंचायत सोंहार और जिरसमी को धनराशि जमा कराने के लिए रिमाइंडर जारी किया जाएगा। इसके बाद भी जवाब नहीं आता है तो कार्रवाई की जाएगी।