एटा। माध्यमिक शिक्षा परिषद लगातार विद्यालय संचालकों को वेबसाइट बनाने के लिए निर्देश दे रहा है। पिछले शिक्षा सत्र से वेबसाइट बनाने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन विद्यालय संचालकों की उदासीनता के चलते यह काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में 150 विद्यालयों की मान्यता खतरे में पड़ गई है। इन्हें अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
जिले में 25 राजकीय, 54 सहायता प्राप्त और 499 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हैं। शासनादेश के अनुसार सभी विद्यालयों की वेबसाइट बनवाकर परिषद को भेजी जानी है। राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों की वेबसाइट बन चुकी हैं। जबकि कुछ वित्तविहीन विद्यालय भी बनवा चुके हैं। लेकिन 150 वित्तविहीन विद्यालय संचालकों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। परिषद के आदेशों को ताक पर रखने वालों को पहले ही दो नोटिस दिए जा चुके हैं। इन नोटिसों के बावजूद भी वेबसाइट बनाने में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। पिछले नोटिस में 30 जून तक वेबसाइट तैयार करने का समय दिया गया था।
अब अंतिम नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक मिथलेश कुमार ने बताया कि वित्तविहीन विद्यालय संचालक वेबसाइट बनवाने में उदासीनता बरत रहे हैं। दो नोटिस पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं। अब अंतिम नोटिस जारी कर 15 जुलाई तक का समय दिया गया है। इसके बाद मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।