एटा। जीटी रोड पर इन दिनों यातायात बुरी तरह प्रभावित है। एआरटीओ कार्यालय से लेकर एफसीआई गोदाम तक ट्रकों की कतारें लग रही हैं। यहां हर दिन गेहूं लेकर लगभग 200 तक ट्रक पहुंच रहे हैं। लेकिन औसतन 80 ट्रकों के गेहूं की ही तोल हो पा रही है।
इन दिनों सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीदा हुआ गेहूं भंडारण के लिए गोदामों पर भेजा जा रहा है। जीटी रोड स्थित एफसीआई गोदाम की क्षमता सबसे अधिक है और यहां एटा के अलावा कासगंज के केंद्रों का भी गेहूं पहुंचता है।
एक ओर हर रोज आने वाले ट्रकों की संख्या बहुत ज्यादा है। तो दूसरी ओर इन दिनों राशन कार्डधारकों को बांटा जाने वाला गेहूं भी इस गोदाम से निकाला जा रहा है। जबकि वजन कांटा एक ही है। ऐसे में खरीद केंद्रों से आने वाले गेहूं लदे ट्रकों की लंबी कतार जीटी रोड पर लग रही है। पहुंचने वाले ट्रकों का नंबर दो से तीन दिन बाद आ पाता है। जिसके चलते नेशनल हाईवे का यातायात प्रभावित हो रहा है।
कई बार भेजा दूसरे कांटे का प्रस्ताव
गोदाम से जुड़े लोगों का कहना है कि इस तरह की समस्या हर साल गेहूं खरीद के समय में आती है। एक ही कांटा होने की वजह से निकास और प्रवेश को लेकर समस्या हो जाती है। कंपनी से एक अतिरिक्त कांटा स्थापित कराने के लिए कई बार प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन इसे स्वीकृति नहीं मिली।
गोदाम की क्षमता अधिक है, यहां एटा के अलावा कासगंज से भी गेहूं भेजा जाता है। लेकिन एक कांटा होने की वजह से समस्या आ रही है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई है।
- रवि चंदेल, गोदाम प्रभारी