रमेश यादव का कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत
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विधान परिषद के सभापति बनने के बाद बुधवार को गृह नगर में आए रमेश यादव का कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। सैकड़ों बाइक और वाहनों के काफिले के साथ शहर पहुंचे सभापति को जगह-जगह फूल माला पहनाई।
रमेश यादव के आगमन से पहले जोरदार स्वागत का अनुमान लगाया जा रहा था। उनका स्वागत भी ठीक तरह हुआ। उनके फर्रखाबाद से एटा की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही सैकड़ों वाहनों में हजारों कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए जा पहुंचे। अलीगंज होते हुए शहर पहुंचे रमेश यादव का शहर में जगह-जगह स्वागत किया गया। बैंडबाजों की धुन पर युवा कार्यकर्ता उनके काफिले के आगे थिरकते हुए देखे गए। सपा कार्यकर्ता सुबह 10 बजे से ही अपने नेता की प्रतिक्षा करते हुए दिखाई दिए। साढ़े तीन बजे के आसपास शहर पहुंचे रमेश यादव ने कार्यकर्ताओं को निराश नहीं किया। इसके बाद अपने आवास पर पहुंचे रमेश यादव ने कार्यकर्ताओं का धन्यवाद दिया।
सदर विधायक आशीष यादव ने अपने सहयोगियों से मिलकर अपने पिता रमेश यादव के स्वागत की तैयारियां पहले से ही कर ली थीं। शहर के सभी मार्गों पर सपा की झंडी बैनरों के साथ सैकड़ों होर्डिंग लगाए गए थे। स्वागत करने वालों में अखिल भारतीय पंचायत परिषद के अध्यक्ष भूपेंद्र यादव, विजय यादव, देवेंद्र यादव आदि शामिल रहे।
स्वागत के बहाने सदर विधानसभा चुनाव की तैयारियां
शहर में बुधवार को विधान परिषद के सभापति रमेश यादव का भव्य स्वागत के राजनीतिक विश्लेषक अलग मायने भी निकाल रहे हैं। उनकी मानें तो रमेश यादव का विधान परिषद का सभापति बनना उनके पुत्र आशीष यादव को राजनीतिक संजीवनी मिलने के बराबर है। स्थानीय स्तर पर पार्टी के ही कुछ बढ़े नेताओं का विरोध झेल रहे सदर विधायक का अब कद भी बढ़ेगा और वे अपने विरोधियों पर भारी भी पड़ेंगे। दूसरा यह भी है कि अब आगामी विधानसभा चुनाव होने में एक साल से भी कम समय रह गया है, ऐसे में हजारों की तादात में कार्यकर्ताओं को एकत्रित कर आशीष यादव ने विरोधियों को यह भी जता दिया है कि अगले चुनाव में उन्हें हल्के में लेने की भूल न की जाए।