सपा नेता प्रो. राम गोपाल यादव।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने बागी विधायक और लोकदल प्रत्याशी आशीष यादव गुमराह करने के लिए पैसा बांट सकते हैं, लेकिन अब उनकी हैसियत नहीं बची है। आशीष यादव के पिता और विधान परिषद के सभापति रमेश बाबू यादव का नाम लिए बगैर कहा कि बडे़ पदों पर बैठे सम्मानित लोगों की आलोचना नहीं की जा सकती। लेकिन जब हम पार्टी को चुनाव आयोग से बचाकर ला सकते हैं, तो क्या चुनाव के बाद बड़े पदों पर बैठे लोगों को नहीं हटवा सकते, वह तब जबकि 68 में से 56 एमएलसी हमारे साथ हों।
सकीट के चौधरी बदन सिंह यादव इंटर कालेज में सपा प्रत्याशी जुगेंद्र सिंह यादव के समर्थन में हुई सभा को संबोधित करते हुए प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि कहा कि पार्टी तिकड़मबाजों और लड़ाई की कोशिश करने वालों से मुक्त होने के बाद पवित्र हो चुकी है। अब पार्टी का दूसरा स्वरूप और सम्मान है। पहले पार्टी को लेकर लोगों की धारणा खराब थी। लेकिन अब दिल्ली में पार्टी को लेकर धारणा बदली है। बागी विधायक आशीष यादव पर तंज कसते हुए कहा मुझे रास्ते में कई गड्ढे मिले तो पता चला सत्ता में रहकर खूब पैसा कमाया और विकास के नाम पर ठेकेदारी करते रहे। उन्होंने कहा कि जब मैं चुनाव चिह्न की लड़ाई लेकर आयोग गया, तो उनसे विधायकों, सांसदों, एमएलसी, डेलीगेट्स के शपथपत्र मांगे गए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में 68 में से 56 एमएलसी, 227 में से 206 विधायकों, 24 में से 15 सांसदों और 5000 में 4700 डेलीगेट्स ने शपथपत्र देकर समर्थन किया था।
पीएम को नोटबंदी पर घेरा, बसपा भ्रष्टाचार अवतार वाली पार्टी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने सोमवार को नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की भाषा को लेकर चिंता जताई तो बसपा को भ्रष्टाचार के अवतार वाली पार्टी बताया।
सकीट, करतला, एटा जिला पंचायत परिसर में आयोजित सभा में प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि अमरोहा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश में सरकार बनने पर गुंडों को लटकाने की बात कहना चुनाव में हार की घबराहट और बौखलाहट बताया। नेताओं का विरोध नीति और सिद्धांतों के आधार पर होना चाहिए। शाह पर बोले हो सकता है कि वे गुंडों को लटका दें, गुजरात में तो कई को लटका चुके हैं उनके लिए आम बात है। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की नीतियों से उद्योगपति, किसान और मजदूर सब परेशान हैं। नोटबंदी के अपने पैसे में से 24000 रुपये ज्यादा नहीं निकाल सकते। मजदूरों और कामगारों के रोजगार छिनने से वह बेरोजगार हो चुके हैं। अब मोदी सरकार का नया फरमान तीन लाख रुपये कैश लेने पर 100 प्रतिशत जुर्माने लगाने का आया है। अब तीन लाख रुपये में एक बीघा जमीन और ढंग के जेवरात नहीं बनते। प्रोफेसर ने कहा कि प्रदेश में सपा ने सरकार बनने पर प्रदेश के एक करोड़ लोगों को 1000 रुपये की पेंशन देने का वादा किया है। इस दौरान पूर्व विधायक अजय यादव, सपा जिला अध्यक्ष अशरफ हुसैन, राहुल गुप्ता एडवोेकेट मौजूद रहे।