प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि बादशाह झूठा नहीं होता, झूठा होता है तो बादशाह नहीं होता। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने देश में झूठ की राजनीति की है। देश की जनता सरकार के इस झूठ को जान चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा नहीं यह जनसंघ है। उन्होंने केवल चोला बदला है। बीजेपी के नेता बुजदिल और झूठे हैं।
नगर विकास मंत्री आजम खां भरगैन एवं गंजडुंडवारा में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी किरन यादव के समर्थन में चुनावी जनसभाओं को मंगलवार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मोदी और अमित शाह पर एक के बाद एक हमले किए। उन्होंने कहा कि हमें हराने कमजोर करने के लिए बहुत सी ताकतें लगी रहतीं हैं। सभी चाहते हैं कि हमारी टोपी उछल जाए। उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं को आगाह करते हुए कहा कि हालात के कितने पत्थर मुझ पर पड़ते हैं लेकिन मैं विचलित नहीं होता। उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं को यह समझाने की कोशिश की बसपा मुस्लिम मतदाताओं को भ्रमित करना चाहती है, लेकिन मतदाता इस बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि हमारे अपनों ने भी इल्जाम दिए हैं, लेकिन हमने कभी भी घुटने नहीं टेके। उन्होंने अमित शाह की ओर इशारा करते हुए कहा कि बड़े सिर का एक आदमी राजनीति का पहरेदार है जो बेईमान और ठगों के साथ है। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बनने के बाद जब घोषणाओं पर अमल की बात पर सवाल उठे तो इन्होंने कहा कि यह तो मजाक में कहा था। उन्होंने बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सौ मुस्लिमों को टिकट देने वाली पार्टी के मुखिया कब राखी बांधकर गठजोड़ कर लें यह पता नहीं। उन्होंने कहा कि 2017 का यह चुनाव 2019 के चुनाव का ट्रायल है। उन्होंने जनता से अपील की कि 2017 में ही 2019 के नतीजे का एलान करा दो। सपा जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव, सपा प्रत्याशी किरन यादव एवं कासगंज के प्रत्याशी हसरत उल्ला खां शेरवानी, फारूक कुरैशी, कैप्टन लतीफ अहमद, केपी सिंह, ईशार खां, बदरूल हसन, नीरज किशोर मिश्रा, कांग्रेसी नेता दादा रविंद्र, उबैद दुर्र रहमान, सुआले अंसारी मौजूद रहे।
इन्होंने थामा सपा का दामन
विधानसभा क्षेत्र पटियाली में प्रत्याशी किरण यादव के पक्ष में पहुंचे कैबिनेट मंत्री आजम खां के समक्ष प्रोफेसर नीरज किशोर मिश्रा के नेतृत्व में बसपाइयों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता को गृहण किया। जिनमें बसपा के पूर्व जिला सचिव जाहिद अली निजामी, शहरोज हसन, आसिफ, खालिद, अमीरूल, तोहेदिल, नूर आलम, शाहिद, राजू वारसी, कमलेश मिश्रा, विष्णु वाल्मीकि, राजू बाल्मीकि, श्रीकृष्ण कश्यप, बंटी मिश्रा थे।