आगरा फोर्ट-एटा होली स्पेशल फास्ट पैसेंजर ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया गया है। घाटे में होने के चलते रेलवे ने इस बार ट्रेन के परिचालन समय में बढ़ोतरी नहीं की है। इसके चलते रविवार को ट्रेन एटा स्टेशन पर नहीं पहुंची। ऐसे में ट्रेन से आगरा जाने की चाह में स्टेशन पहुंचे यात्रियों को मायूसी झेलनी पड़ी।
22 मार्च को रेलवे ने आगरा फोर्ट-एटा फास्ट पैसेंजर ट्रेन का संचालन शुरू किया था। पहले तो ट्रेन एक माह के लिए ही शुरू की गई थी लेकिन जब रेलवे को यात्रियों की ओर से अच्छी आय हुई, तो एक-एक माह करके ट्रेन का संचालन बढ़ाना शुरू कर दिया। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ट्रेन को शुरू में तो यात्रियों की ओर से अच्छी आमदनी हुई थी, लेकिन बीते कुछ महीनों से आमदनी कम हो रही थी। यात्रियों की संख्या कम होने से भी रेलवे ने ट्रेन का परिचालन करने का आदेश नहीं दिया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो मार्च माह में ही ट्रेन से रेलवे को 22 हजार रुपये की आय हुई थी। इसके बाद अप्रैल, मई में आमदनी का आंकड़ा प्रतिमाह 80 हजार और एक लाख तक पहुंच गया था, लेकिन जुलाई के बाद से रेलवे को आय के मामले में घाटा होेने लगा। शुरुआत में जहां हर रोज 300-400 यात्री प्रतिदिन यात्रा कर रहे थे। अब वह आंकड़ा भी सिमटकर 100-150 हो गया था। ऐसे में रेलवे ने ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया। रविवार को यात्री जब ट्रेन से आगरा का सफर करने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो ट्रेन बंद होने की बात सुनकर मायूस होकर लौट आए। एडीआरएम आगरा दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि इलाहाबाद बोर्ड से आदेश न मिलने के चलते ट्रेन का परिचालन बंद कर दिया गया है। आदेश मिलते ही ट्रेन दोबारा शुरू हो जाएगी। स्टेशन मास्टर सीपी शर्मा की मानें तो थोड़ा आय में अंतर तो आया था। ट्रेन संचालन का आदेश नहीं मिला है।
समय बना यात्रियों के लिए बाधा
आगरा फोर्ट-एटा पैसेंजर ट्रेन के समय ने भी यात्रियों का ट्रेन से मोहभंग किया। दरअसल, ट्रेन सुबह 5.20 बजे एटा से रवाना होती थी और सुबह 7.45 पर आगरा फोर्ट पहुंचती थी। इसके बाद आगरा फोर्ट से शाम 6.20 बजे चलकर रात को 8.45 बजे एटा आती थी। सामाजिक संगठन ट्रेन के समय मेें परिवर्तन की मांग कर रहे थे। समय न बदलने से भी लोगों का मोह भंग हुआ।
विवाद भी बने कारण
ट्रेन परिचालन के साथ ठहराव को लेकर हुए विवाद भी संचालन बंद होने की वजह बने। शुरुआत में ही शाहनगर टिमरूआ स्टेशन पर ठहराव को लेकर पथराव की घटनाएं हुईं। इसके बाद कुसवा, अवागढ़ समेत कई स्थानों पर ट्रेन के ठहराव को लेकर ट्रेन रोककर प्रदर्शन हुए।
नौकरीपेशा और व्यापारियों को परेशानी
ट्रेन का संचालन बंद होने के बाद सबसे ज्यादा परेशानी नौकरीपेशा और व्यापारियों को हुई है। ट्रेन से सफर करने वालों में सबसे ज्यादा संख्या प्रतिदिन नौकरी करने वालों और व्यापारियों की थी। व्यापारी सुनील कुमार ने बताया कि ट्रेन से सफर आसान हो जाता था। अब बंद होने से फिर बस में धक्के खाने होंगे।
ट्रेन का संचालन बंद होने में जनता की मायूसी है। लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। अब फिर से अधिकारियों से मिलकर ट्रेन का संचालन शुरू कराया जाएगा।
- अनुज गुप्ता, प्रमुख रेल विस्तार आंदोलन
आगरा फोर्ट एटा ट्रेन का संचालन बंद होने से लोगों को परेशानी होगी। रेलवे अधिकारियों से बात करके ट्रेन का दोबारा शुरू कराएंगे।
- राकेश गांधी, नगर पालिकाध्यक्ष
ट्रेन का संचालन बंद होने की जानकारी नहीं है। सोमवार को रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बात करके ट्रेन का संचालन दोबारा करवाया जाएगा।
राजवीर सिंह, सांसद