एनई रेलवे मजदूर यूनियन ने रेलवे जंक्शन पर धरना दिया। सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट का विरोध करते हुए कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनके हितों की अनदेखी हुई तो रेलकर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे।
केंद्रीय अध्यक्ष बंसल लाल चतुर्वेदी ने कहा कि दस वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पे कमीशन आया है। इस पे कमीशन ने 52 प्रकार के भत्तों को समाप्त करने की सिफारिशें की है। उन्होंने कहा कि पहले कर्मी को फैमिली प्लानिंग ऑपरेशन कराने पर एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाता था। वेतन आयोग ने इसे बंद करने की सिफारिश की है। राष्ट्रीय अवकाश के दिन कार्य करने वाले कर्मियों को मिलने वाले अतिरिक्त भत्ते को देने से भी आयोग ने मना किया है। आवास किराया भत्ता 20 प्रतिशत से घटाकर 16 प्रतिशत करने सहित कई अन्य कर्मी विरोधी सिफारिशें की है। ऐसी स्थिति में कर्मियों के पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। कर्मचारी संगठन जेसीए, एआईआएफ ने हड़ताल पर जाने की पूरी तैयारी कर ली है। 11 और 12 फरवरी को हड़ताल कराने को कर्मियों से मतदान कराकर राय ली जाएगी। इसके बाद 19 फरवरी को कर्मी महाप्रबंधक एनई रेलवे के माध्यम से सरकार को हड़ताल का नोटिस देंगे। सात मार्च से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी। मंडल मंत्री कामरान अहमद ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे रेलवे में ठेकेदारों के माध्यम से तमाम कार्यों को निजी हाथों में सौंपती जा रही है। इसका संगठन विरोध करता है। इस दौरान मिहिर भट्टाचार्य, सोमनाथ बनर्जी, नूतन प्रकाश, रोहित कुमार, सुंदर सिंह, संतोष मिश्रा, जी गाडर्नर, मुन्नालाल, प्रेम सिंह मीना, राजकुमार गुप्ता, अतुल शर्मा, दिनेश शर्मा, रणविजय, अनुज वार्ष्णेय, कृष्ण मुरारी, उदयवीर, विजय सक्सेना मौजूद रहे।