नूंहखास निवासी सेना में चालक पद पर तैनात सुशील कुमार यादव का पार्थिव शरीर मंगलवार देर शाम पैतृक गांव पहुंचा। इस मौके पर सेना के जवानों ने सैनिक को सलामी दी और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
रविवार दोपहर को जम्मू कश्मीर में सोना मार्ग पर हादसे में जवान सुशील यादव की मौत हो गई थी। नूंहखास निवासी होरी लाल के दो बेटे संजय यादव और सुशील यादव सेना में नौकरी करते हैं और जम्मू कश्मीर में तैनात हैं, जबकि तीसरा बेटा सुनील घर में रहता है। बताया जाता है कि सुशील की डेढ़ साल पूर्व घिरोर के नगला अंतरात निवासी ललिता से शादी हुई थी और उनके पांच महीने का मासूम बेटा कृष्णा है। सुशील के दो भाई संजय और तीन बहने हैं। परिवारीजन रविवार से पार्थिव शरीर के आने की राह देख रहे थे। मंगलवार देर शाम जब सेना के जवान जब सैनिक का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे, तो परिजनों में कोहराम मच गया। इस दौरान आगरा आर्मी बेस कैंप के सूबेदार एसके सिंह और जूनियर कमीशन आफिसर सुनील कुमार और चार जवानों ने सैनिक को सलामी दी। इस दौरान डीएम शंभूनाथ, एसएसपी राजेश कृष्ण, विधायक रणजीत सुमन ने को श्रद्धांजलि दी। शहीद के छोटे भाई सुनील ने मुखागिभन दी। इस दौरान हर आंख नम हो गई। इस मौके पर एसडीएम एनपी पांडेय, सीओ कौशलेंद्र सिंह, कोतवाली प्रभारी एन पाल सिंह, पूर्व विधायक रणवीर सिंह समेत तमाम पुलिस बल और लोग मौजूद रहे।
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गांव में बनेगा स्मारक
गांव नूंहखास में सैनिक के अंतिम संस्कार के लिए तहसील प्रशासन ने 48 मीटर जगह प्रदान की है। बताया जाता है यहां स्मारक का निर्माण किया जाएगा। सेना के सूबेदार एसके सिंह ने बताया कि सुशील के परिजनों को शहीद सैनिकों के परिवारजनों को मिलने वाली सभी सुविधाएं दी जाएंगी।