एटा। निचली गंगा नहर से आगरा तक जलापूर्ति के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन के कारण 10 वर्षीय बालक की मौत के मामले में अब निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों में आक्रोश दिखाई दिया। लोगों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने कई स्थानों पर प्रेशर पाइप खुले छोड़ दिए थे, जिनसे तेज दबाव के साथ पानी ऊपर तक उछलता था। इसी वजह से यह जगह आसपास के बच्चों के खेलने का केंद्र बन गई थी।
अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा निवासी राजवीर सिंह का कहना है कि कार्यस्थल पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए, न ही बैरिकेडिंग की गई और किसी सुरक्षा कर्मी की भी तैनाती नहीं है। घटना के बाद ग्रामीणों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई और निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है।
वहीं, निर्माण करा रही संस्था एनसीसी के समन्वयक सुधीश मिश्रा का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा बताया जा रहा है, वहां सुरक्षा के पूरे इंतजाम थे। संस्था का कहना है कि घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।