एटा। समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. नवल किशोर शाक्य पर पार्टी के अंदर गुटबंदी और अनुचित कार्यों को बढ़ावा देने के आरोप लगाए हैं। यह आरोप विधानसभा क्षेत्र अलीगंज के अध्यक्ष सुभाष शाक्य ने एक पत्र के माध्यम से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की है।
शिकायत में दावा किया है कि डॉ. नवल किशोर शाक्य ने 40 लोकसभा क्षेत्र फर्रुखाबाद की पांचों विधानसभाओं में पार्टी के भीतर गंभीर गुटबाजी को बढ़ावा दिया है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों और 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों के लिए एक-एक वार्ड से कई-कई उम्मीदवार तय कर दिए हैं, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी का माहौल बन रहा है।
सुभाष शाक्य का कहना है कि डाॅक्टर के कार्यों से पार्टी के भीतर गुटबंदी बढ़ी है, जिससे समाजवादी पार्टी को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। आरोप है कि डॉ. नवल किशोर शाक्य भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर भरोसा कर रहे हैं, जबकि सपा के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर रहे हैं।
2024 के लोकसभा चुनावों में डॉ. शाक्य की हार के कारणों में वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान की कमी, गैर-राजनीतिक युवाओं पर भरोसा और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को प्रमुख कारण बताया गया है।
शिकायत में कहा कि अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मंगदपुर में एक पोलिंग बूथ पर झगड़े के दौरान अशोक यादव की मृत्यु हो गई थी, लेकिन आरोप है कि डॉ. शाक्य ने उनके परिवार को कोई आर्थिक सहायता नहीं दी। पार्टी मुखिया से अनुरोध किया गया कि विधानसभा अध्यक्षों से मिलकर इस गुटबंदी की समस्या पर चर्चा की जाए और डॉ. नवल किशोर शाक्य की ओर से किए जा रहे अनुचित कार्यों पर रोक लगाई जाए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले चुनावों में समाजवादी पार्टी को गंभीर नुकसान हो सकता है।