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राज्यकर्मचारियों का सड़कों पर विरोध प्रदर्शन

Tue, 22 Dec 2015 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
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दस सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को दर्जनभर विभागों के कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के तत्वावधान में आक्रोशित कर्मचारियों ने कलमबंद हड़ताल की। ऐसे में कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा और काम से आए लोग भटकते रहे। हड़ताल करने वाले विभागें में जिला परिषद, आईटीआई, जिला उद्योग केंद्र, नलकूप कार्यशाला, ड्रनेज खंड, सिंचाई विभाग, ट्यूबवैल विभाग, कृषि विभाग, विकास भवन, तहसील आदि के कर्मचारियों हड़ताल में शामिल हुए।
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मंगलवार का दिन राज्य कर्मचारियों के आंदोलन के नाम रहा। पहले से ही आंदोलन का ऐलान कर चुके दर्जन भर विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने सुबह से ही विरोध किया। कार्यालयों के बाहर फर्श बिछाए बैठे कर्मचारियों ने काम नहीं किया। वहीं दर्जनों आंदोलनकारियों ने राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले नलकूप कालोनी में प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते संबंधित विभागों में कामकाज ठप रहा। इससे फरियादियों को खासी परेशानियों को सामना करना पड़ा।
आंदोलनकारियों के अनुसार बुधवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। बता दें कि राज्य कर्मचारियों ने मंगलवार को भी मांगों के समर्थन में बाइक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया था। जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह यादव ने कहा कि शासन की मनमानी के विरोध में प्रदेश भर में राज्य कर्मचारी कलमबंद हड़ताल कर रहे हैं। साथ ही बुधवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रदर्शनकारियों को घनेंद्र यादव, जेएस दिनकर, मुन्नालाल, सुरेंद्र कुमार शर्मा, सुरेश श्रीवास्तव, हर्षेंद्र यादव, नेत्रपाल सिंह सहित आदि कर्मचारियों ने संबोधित किया। उपस्थित कर्मचारियों में देवेंद्र पाल, प्रमोद कुमार, महीपाल, भंवरपाल, नेम सिंह, बाबूराम, श्रीराम सागर, शिशुपाल सिंह आदि मौजूद थे।
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ये हैं प्रमुख मांग
कर्मचारियों के इलाज की व्यवस्था, कैशलेश सुविधा, मकान किराया भत्ता केंद्रीय कर्मचारियों के समान, फील्ड कर्मचारियों को मोटर साइकिल भत्ता, ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करने, सीधी नौकरी भर्ती प्रक्रिया, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, रसोईया, राजगार सेवक सहित कार्यरत कर्मियों को राजकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तरह समानता दी जाए, नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, कर्मचारियों को तीन पदोन्नति का ग्रेड वेतन दिया जाए आदि।
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