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कर्बला ईदगाह में धार्मिक रीति-रिवाज से सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए
संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगंज। यौम-ए-आशूरा पर शुक्रवार को कस्बे में गम का माहौल रहा। कर्बला में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की याद में विभिन्न मोहल्लों से करीब 25 ताजियों के साथ मातमी जुलूस निकाले गए। गांधी मूर्ति से प्रमुख अलम पूरे शानो-शौकत के साथ उठा, जो निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला ईदगाह पहुंचा। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों और अलमों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
कस्बे के मोहल्ला मेवाती मोहल्ला, मोहल्ला काजी, सराय अगहत, पठानान तथा कस्बे के अन्य क्षेत्रों से निकले ताजिये निर्धारित मार्गों से होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुए। पूरे रास्ते गमगीन माहौल बना रहा और जगह-जगह लोगों ने अलमों की जियारत की। जुलूस मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गर्मी के मौसम में शरबत एवं ठंडे पानी की व्यवस्था की। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी बड़ी संख्या में धार्मिक आयोजन में भाग लिया। धार्मिक विद्वानों ने कहा करबला की कुर्बानी सत्य, न्याय, इंसानियत और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का अमर संदेश देती है। इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ की रक्षा के लिए अपने परिवार सहित शहादत दी, जिसकी याद में हर वर्ष यौम-ए-आशूरा मनाया जाता है। जुलूस में एसडीएम जगमोहन गुप्ता, क्षेत्राधिकारी राजेश सिंह, कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह फोर्स सहित मौजूद रहे।
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परंपरागत तरीके से निकला मोहर्रम का जुलूस
मारहरा। कस्बे में परंपरागत तरीके से मुहर्रम का जुलूस निकाला गया, जिसमें युवाओं ने लाठी-डंड़ों से हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को चौंका दिया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाए जाने वाला मोहर्रम पर बृहस्पतिवार की रात को ताजिये रखे गये। आकर्षक ताजियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कस्बे के मोहल्ला तकिया से शुक्रवार को निकला जुलूस मोहल्ला काजी, बजरिया, बस्ती चौराहे, अस्पताल चौराहे से होते हुए पिवारी मार्ग स्थित करबला पर संपन्न हुआ। यहां पर गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप कुशवाह, थाना प्रभारी केके लोधी फोर्स सहित मौजूद रहे।
अकीदत और शांति से निकला मुहर्रम का जुलूस, जगह-जगह हुआ स्वागत
जलेसर। नगर में मुहर्रम पर दोपहर की नमाज के बाद इब्राहिम दरगाह के निकट मोहल्ला मेमारान से जुलूस प्रारंभ हुआ। मोहल्ला अंगरियान, गांधी चौक, अकबरपुर, हवेली, मंडी जवाहरगंज, नल बाजार, मोहल्ला सादात, इस्लामनगर और मोहल्ला पठानान होते हुए दरगाह शरीफ पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में युवाओं के कई ग्रुप पारंपरिक खेल-तमाशे का प्रदर्शन किया। गर्मी को देखते हुए नगर के लोगों ने जगह-जगह ठंडे पानी और शर्बत की व्यवस्था की। मंडी जवाहरगंज में ताजिया कमेटी के पदाधिकारियों एवं अन्य नागरिकों को पगड़ी पहनाकर व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। जुलूस में एसडीएम पीयूष रावत, क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह गौतम, थाना प्रभारी संजय राघव फोर्स सहित मौजूद रहे।
मोहर्रम के जुलूस में या हुसैन की सदाओं की रही गूंज
राजा का रामपुर। कस्बे में मुहर्रम की दसवीं तारीख पर शुक्रवार को हजरत इमाम हुसैन की याद में ताजिया जुलूस पूरी अकीदत से निकाला गया। जुलूस में या हुसैन, लब्बैक या हुसैन, या हुसैन अलविदा और या इमाम अलविदा की सदाओं की गूंज रही। मातमी धुनों के बीच अंजुमनों और अजादारों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम किया। जुलूस में नायब तहसीलदार हिमांशु पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक सत्यपाल सिंह, कानूनगो ओम नमो नारायण सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
सकीट में कड़ी सुरक्षा में निकला जुलूस
सकीट। कस्बे में शुक्रवार को मुहर्रम का जुलूस मोहल्ला काजी से शुरू हुआ। इसके बाद मानिक चंद्र तिराहा, कैलाश चंद्र तिराहा, मोहल्ला चक, पोस्तीखाना, मोहल्ला शेदपुरा होते हुए शेखपुरा स्थिति करबला पर ताजिया सुपुर्द-ए-खाक किए गए। जुलूस में पहुंचे ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि विक्रांत यादव व पूर्व चेयरमैन गौतम सिंह द्वारा सभी ताजियादारों व इमामों को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उपजिलाधिकारी भावना विमल, क्षेत्राधिकारी नीतीश गर्ग, थाना प्रभारी विदेश राठी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे।
जलेसर के गांव मकसूदपुर में सजे ताजिए के पास मौजूद मुस्लिम समाज के लोग। संवाद
जलेसर के गांव मकसूदपुर में सजे ताजिए के पास मौजूद मुस्लिम समाज के लोग। संवाद