रोडवेज बस स्टैंड पर वर्तमान में प्राइवेट और डग्गामार वाहनों का बोलबाला है। रोडवेज से कम किराए का प्रलोभन देकर यहां से डग्गामार वाहन सवारियों को अपने वाहनों में बैठाकर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इससे रोडवेज विभाग को राजस्व की क्षति पहुंच रही है। कई बार प्रशासन ने यहां से प्राइवेट बस स्टैंड को बाहर करने की योजना बनाई है, लेकिन बस यूनियन के दबाव में यह योजना आज तक कारगर साबित नहीं हुई है। इससे अजीज आ चुके रोडवेज विभाग ने इन वाहनों पर नजर रखने के लिए चार कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी है। एआरएम भी स्वयं इस पर नजर लगाए हैं। विभाग का दावा है इससे डग्गामारी पर कुछ अंकुश लगा है।
बता दें कि रोडवेज बस स्टैंड के बाहर ही जीटी रोड पर कासगंज प्राइवेट बस स्टैंड है। रोडवेज में कासगंज का किराया 27 रुपये है, जबकि प्राइवेट बस वाले कासगंज की सवारियों को 20 रुपये में ही भरकर ले जाते हैं। इसके अलावा प्राइवेट बसों की यूनियन रोडवेज बसों को अपने अड्डे के आसपास खड़ा भी नहीं होने देती। इसके चलते रोडवेज बसों के चालक परिचालकों के साथ बस यूनियन वालों में आए दिन झगड़ा होता है। कई बार यह झगड़ा बड़े बवालों में भी बदल चुका है। इसके अलावा रोडवेज बस स्टैंड से कई प्राइवेट वाहन दिल्ली, आगरा, अलीगढ़ के लिए भी यहां से कम किराए का प्रलोभन देकर सवारियां भर ले जाते हैं। सुबह और शाम को तो इतने हालात खराब रहते हैं कि रोडवेज बसें खाली खड़ी रहती हैं। डग्गामार सवारियां भरने का काम करते रहते हैं।
बिना परमिट की दौड़ रही बसें, प्रशासन बेखबर
एटा। सूत्रों की मानें तो एटा और कासगंज के बीच कई बसें बिना परमिट के भी दौड़ रही हैं। इसके अलावा अन्य कस्बों को जाने वाली प्राइवेट बसों में भी बिना परमिट की बसें शामिल हैं। इसमें संबंधित विभागों का संरक्षण भी प्राप्त है। हद तो यह है कि इन बसों के खिलाफ प्रशासन द्वारा कोई चेकिंग अभियान नहीं चलाता है।
दिल्ली और आगरा रूट पर रुकी मनमानी - एआरएम
एटा। रोडवेज विभाग की इंकम का स्त्रोत कहे जाने वाले आगरा और दिल्ली मार्ग पर हो रही डग्गामारी पर विभाग अकुंश लगाने में सफल रहा है। एआरएम संजीव यादव ने बताया कि उक्त दोनों मार्गों पर डग्गामारी रोकने के लिए विभाग की ओर से चार कर्मचारी लगाए गए हैं, जो उक्त मार्ग के लिए सवारी भर रहे डग्गामार और प्राइवेट वाहनों को बस स्टैंड पर खड़ा नहीं होने देते।