एटा। जवाहर तापीय परियोजना में बेवर फीडर से बिजली उत्पादन के लिए पानी दिया जा रहा है। जबकि शहर से निकलने वाला पानी सीवर के जरिए मलावन स्थित एसटीपी (सीवर ट्रीटमेंट प्लांट) तक पहुंचता है। वर्तमान में पानी भदों नाला में बहा दिया जाता है। इसे परियोजना को देने के लिए पाइप लाइन डालने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
शहर की सीवर लाइन का पानी मानपुर स्थित सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंच रहा है। यहां पानी को स्वच्छ बनाकर छोड़ा जाता है। वर्तमान में पानी खेती की सिंचाई के लिए भदों नाला में छोड़ा जा रहा है। इसकी क्षमता 24 एमएलडी की है। इस पानी को परियोजना के लिए भेजा जाएगा। इसकी मंजूरी शासन की ओर से मिल गई है। जल निगम नगरीय क्षेत्र के पास कासगंज जिला भी आता है, ऐसे में दोनों जिलों से करीब 35 एमएलडी पानी परियोजना को दिया जाएगा।
जवाहर तापीय परियोजना में एक प्लांट लगाया जाएगा, जहां पर पानी का भंडारण होगा और उसको शुद्ध करने के बाद उपयोग में लिया जाएगा। जल निगम के अधिकारियों की मानें तो एटा के एसटीपी से 20 और कासगंज से 15 एमएलडी पानी भेजा जाएगा। जो बिजली बनाने के काम आएगा। अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय क्षेत्र सैय्यद तारिक अली ने बताया कि जवाहर तापीय विद्युत परियोजना के लिए सीवर का पानी शुद्ध करके पाइप लाइन के जरिए पहुंचाया जाएगा। यह एक बड़ी उपलब्धि होगी। नहर का पानी बच सकेगा और एटा व कासगंज से पहुंचने वाले पानी से बिजली का उत्पादन हो सकेगा।