मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती नवजात। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में कई महिलाएं उपचार लेने के लिए पहुंचती हैं। इसमें गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं का खानपान ठीक नहीं होने की वजह से समय से पहले ही प्रसव हो रहा है। इसकी वजह से कमजोर पैदा हो रहे नवजात शिशुओं को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग में गर्भवती का प्रसव कराया जाता है। कुछ महिलाओं के गर्भ का समय 9 माह होने से पहले ही प्रसव हो जाता है। करीब 8 माह के अंदर होने वाले प्रसव में नवजात शिशु कमजोर होते हैं। इसलिए उनको एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवम यादव ने बताया कि वर्तमान में एसएनसीयू वार्ड में कुल 16 नवजात को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। इसमें 10 नवजात ऐसे हैं जो काफी कमजोर हैं। इसमें कुछ नवजात में वजन कम है तो किसी का ठीक से विकास नहीं हो पाया है। ऐसे नवजात को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. साधना सिंह ने बताया कि कुछ गर्भवती महिलाओं का प्रसव सामान्य समय से पहले हो रहा है। ऐसे नवजात कमजोर होते हैं। बताया कि गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के दौरान खान-पान का ध्यान नहीं रखती है। इसकी वजह से समय से पहले प्रसव हो जाता है और नवजात भी कमजोर पैदा होता है। संवाद