नरहुली गांव में दर्दनाक हादसे के पीछे पावर कारपोरेशन की लापरवाही सामने आई है। ग्रामीण कृपाशंकर पचौरी एवं रविदत्त ने बताया कि गांव में 20 वर्ष पूर्व विद्युतीकरण हुआ था। छह हजार की आबादी वाले ग्राम मेें 80 प्रतिशत लोगों के पास विद्युत संयोजन हैं। कई बार मांग करने के बाद भी पावर कारपोरेशन ने जर्जर तार बदलने की जरुरत नहीं समझी। लाइन में फॉल्ट होने पर सुविधा शुल्क के बिना मरम्मत नहीं होती है।
लरहुली गांव निवासी कृपा शंकर पचौरी ने बताया कि ट्रांसफार्मर में आने वाली एचटी लाइन और एलटी लाइन को ग्रामीणों की मांग पर बदल दिया जाता तो न ही जंफर टूटता और न ही तारोें और केबल में आया करंट घरों तक पहुंचने से दो लोगों की मौत हो जाती। पचौरी की माने तो गुरुवार सुबह हाईवोल्टेज करंट से चिंगारी के साथ केबल में आग लगी और घराें के स्विच बॉक्स तक पहुंची। ग्रामीणो में अफरातफरी मच गई। घरों से धुंआ निकल रहा था।
ग्रामीण मृतकों के परिवारीजनाें को मुआवजा देने की मांग और जर्जर तार बदलने की मांग के साथ जाम लगाकर हंगामा कर रहे थे। सूचना पर एडीएम राजेंद्र सिंह, एसडीएम संदीप गुप्ता, सीओ और पीएसी बल और चिकित्सकों की टीम लेकर पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों को हंगामा जारी रहा। ग्रामीण तब शांत हुए जब डीएम निधि केसरवानी ने पहुंच कर मृतक के परिवारीजनाें को आर्थिक मदद एवं तार बदलवाने का आश्वासन दिया।
विधायक, पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री भी पहुंचे
नरहुली में हादसे की सूचना पर पूर्व विधायक रघुवीर सिंह, विधायक रणजीत सुमन, पूर्व मंत्री बसपा राजवीर सिंह, पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह हैप्पी, जिला पंचायत सदस्य निरंजन सिंह यादव, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष प्रदीप यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य धर्मपाल सिंह टुल्लन के साथ अन्य राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे। हंगामे के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मिल कर हर संभव मदद करने का भरोसा दिया।
डेढ़ साल पहले भी करंट से हो चुकीं दो मौतें
नरहुली में गुुरुवार को हुए हादसे से पूर्व हुई क्षेत्र के गोपालपुर गांव में पंद्रह महीने पहले सुनील और यतेंद्र की करंट से मौत हो गई थी। उस वक्त ग्रामीणों ने जाम लगा कर हंगामा किया था। हंगामे शांत करने के लिए प्रशासन ने मृतकों के परिवारीजनों को एक-एक एकड़ भूमि आवंटित करने का आश्वासन दिया था। लेकिन ग्रामसभा से मृतक आश्रितों के नाम भूमि आवंटन नहीं होने से ग्रामीणों में रोष दिखाई दिया। नरहुली के ग्रामीण हंगामे के दौरान प्रशासन को गोपालपुर की घटना के दौरान दिए आश्वासन पूरे नहीं होने का तंज कस रहे थे।
आर्थिक सहायता दिलाने के आश्वासन पर खुला जाम
युवकों की मौत से गुस्साए लोगों ने निधौली रोड पर जाम लगाकर हंगामा कर दिया। ग्रामीण तब तक जाम लगाए रहे जब तक डीएम निधि केसरवानी मौके पर नहीं पहुंची। डीएम ने मृतकों को पांच लाख रुपये, किसान दुर्घटना बीमा, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, विद्युत विभाग से सहायता राशि के साथ मुख्यमंत्री सहायता कोष से धन दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला और पुलिस ने शव पीएम के लिए भेजे।
करंट की चपेट में आने हुए घायल
नरहुुली में हाईवोल्टेज करंट से मची अफरातफरी के दौरान हरीशंकर (55), राजीव कुमार (25), राजवेटी (40), विजलेश (50), सुलेमान (30), उस्मान अली (35), उषा देवी (50) सद्दीक (22), चांदतारा (25), मुबीना (18) आंशिक रुप से घायल हुए हैं।
घंटे बाद बंद हो पाई विद्युत।
तारों में स्पार्किंग सुबह छह बजे शुरु हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत पोलों पर दीवाली की आतिशबाजी की तरह चिंगारी निकलते देख अफरातफरी मच गई। ग्रामीणोें ने बिजली आपूर्ति बंद करने के लिए विद्युत स्टेशन पर फोन किए, लेकिन किसी ने नहीं उठाया। इसके चलते बिजली आूपर्ति एक घंटे बाद बंद हो पाई।
छत से बच्चों को खेत में फेंक बचाई जान
चाराें ओर धुआं निकलता देख अफरातफरी मच गई। धर्मपाल कठेरिया ने बताया कि उन्होंने अपनी नौ वर्षीय बेटी अंगूरी और छह वर्ष के बेटे रोहित को छत से खेत में फेंका और खुद छत से कूद कर जान बचाई। वहीं धर्मपाल का भतीजा प्रहलाद स्विच बॉक्स में आग बुझाते वक्त करंट की चपेट में आकर मौत के काल में समा गया।
विद्युत सुरक्षा विभाग जांच में जुटा
नरहुली में हाईवोल्टेज करंट से दो लोगाें की मौत और केबल एवं स्चिव बॉक्स तक आग लगने के पीछे निगम अफसर अपना राग अलाप रहे हैं। विद्युत वितरण खंड एक्सईएन राजकुमार का कहना है कि मामले की जांच विद्युत सुरक्षा विभाग को सौंप दी गई है। अफसर जर्जर तार होने की बात से इनकार कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी ग्रामीणों का आक्रोश गांव के बाहर खड़े रहे और चार घंटे तक घटनास्थल पर पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। विद्युत वितरण देहात खंड के अधिशासी अभियंता राजकुमार ने बताया कि घटना स्थल की जांच में ट्रांसफार्मर से आने वाली एचटी लाइन का जंफर टूटा मिला है। इसके चलते पावर अधिकारियों ने आशंका जताई है कि सुबह किसी ने कटिया डालते या निकालते वक्त तार इतना खींचा कि जंफर टूट कर एलटी लाइन पर जा गिरा और हादसे का सबब बन गया। एक्सईएन ने बताया कि मामले की तकनीकी जांच विद्युत सुरक्षा विभाग को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।