एटा। धान की कुटाई और वातावरण में नमी से प्रदूषण बढ़ा तो आंखों में जलन और धुंधलेपन के मरीज भी बढ़ गए हैं। मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में कतार लग रही हैं। करीब 50 मरीज आंखों में जख्म के आ रहे हैं, जिन्हें उपचार के साथ बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।
डॉ. उमंग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में इन दिनों धान की कटाई चल रही है। इस दौरान लोगों को आंखों में कूड़ा जाने पर कुंद चोट लग जाती है जिसे ट्रॉमा बोलते हैं। इससे आंख लाल हो जाती है। गंभीर स्थिति में रेटिना भी अलग तरह की हो जाती है। इसमें जलन अधिक होती है। इसके साथ ही धुंधलेपन की समस्या भी आ रही है।