एटा। नए आपराधिक कानून सोमवार से लागू हो गए। पहले थाने से लेकर कचहरी पुराने मुकदमों और नई धाराओं में उलझे नजर आए। नए कानून के तहत मारहरा, बागवाला और कोतवाली देहात में मुकदमे दर्ज हुए हैं।
भारतीय दंड विधान, दंड प्रक्रिया संहिता और पुराने साक्ष्य अधिनियम को समाप्त कर दिया गया है। इनके स्थान पर तीन नए कानून लाए गए हैं। इनके अंतर्गत ही थानों में रिपोर्ट दर्ज की जाएंगी। इसके बाद विवेचना व अन्य कानूनी कार्रवाई भी नए कानूनों के तहत ही की जाएंगी। इसका सबसे अधिक वास्ता पुलिस थानों और वकीलों व अदालतों का पड़ता है। ऐसे में सोमवार को इन कानूनों को लेकर इन स्थानों पर ही सबसे अधिक चर्चा रही। हालांकि कचहरी में पहले दिन नए कानून पर कोई भी काम नहीं हुआ। फौजदारी के अधिवक्ता प्रशांत पुंढीर ने बताया कि जो मामले रविवार रात 12 बजे तक दर्ज किए गए हैं, उनकी प्रक्रिया पुराने अधिनियमों में ही चलेगी। जबकि सोमवार से दर्ज होने वाले मुकदमाें के मामले कचहरी तक पहुंचने में समय लगेगा। लंबित मुकदमे भी पुराने कानून के आधार पर चलते रहेगा। ऐसे में वकीलों को दोहरी व्यवस्था से जूझना पड़ेगा।
केस 1: मारहरा में दर्ज हुआ दहेज हत्या का मामला
थाना मारहरा में नए कानून के तहत जिले का सबसे पहला दहेज हत्या का मामला दर्ज हुआ। मिरहची थाना क्षेत्र के गांव विजयपुर निवासी राजवीर सिंह ने अपनी बहन साधना की दहेज के लिए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बहनोई सहित पांच को नामजद किया। पुराने कानून में यह रिपोर्ट 304-बी के तहत दर्ज होती। जबकि नए कानून में इसे धारा 80 (2) के तहत लिखा गया है।
-
केस 2: कोतवाली देहात में पिटाई की रिपोर्ट
थाना कोतवाली देहात में गांव बाबरपुर की रहने वाली मुन्नी देवी ने गांव के रामशंकर पचौरी पर रिपोर्ट दर्ज कराई। घर में घुसकर पिटाई करने, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। जो आईपीसी में धारा 452, 504, 506 के तहत आती थी। अब भारतीय न्याय संहिता में यह धारा 115, 351, 352 और 332 में दर्ज हुई है।
केस 3: बागवाला में महिला ने पति पर लिखाई रिपोर्ट
बागवाला थाने में अर्चना निवासी गांव सोनसा ने नए कानून के तहत यहां पहली रिपोर्ट दर्ज कराई। पति अमर सागर निवासी गांव नगला केवल थाना कोतवाली देहात सहित सास पर आरोप लगाया कि इन लोगों ने उसकी पिटाई की। पूर्व में इसे धारा 323 में दर्ज किया जाता था। नए कानून में मामले को 115 (2) के तहत दर्ज किया गया।