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UP: 30 फीसदी में किराए पर बैंक खाता, फिर व्यापारियों को बनाते थे निशाना, ठगी का ऐसा तरीका...पुलिस भी चाैंक गई

Tue, 23 Sep 2025 01:21 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

साइबर ठग विश्वास दिलाने के लिए व्यापार एप के माध्यम से फर्जी बिल बनाकर भेजते थे। इसके बाद एडवांस के नाम पर अलग-अलग खातों में रुपये डलवाए जाते थे। व्यक्तिगत खाता धारकों को आने वाली रकम का 30 प्रतिशत और जनसेवा केंद्र से निकालने पर संचालक को 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।
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Cyber crime - फोटो : Freepik
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विस्तार
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एटा में जस्ट डायल एप के माध्यम से ग्राहकों से ऑर्डर लेकर साइबर ठगी के दो आरोपियों को को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये लोगों के खाते प्रयोग करने के लिए आने वाली रकम का 30 फीसदी हिस्सा खाताधारक को देते थे। इसके अलावा जनसेवा केंद्र संचालकों से मिलकर कमीशन के आधार पर खातों मे रुपये डलवाकर निकासी करते थे।
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अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह ने सोमवार को बताया कि महाराष्ट्र में कुछ समय पूर्व एक साइबर ठगी की गई थी। इस मामले में दिल्ली साइबर क्राइम से जानकारी मिली कि आरोपी हमारे क्षेत्र का है। इसके बाद सर्विलांस और अन्य टीमों को लगाया गया। जांच में पता चला कि पकड़ा गया आरोपी चंदन प्रताप सिंह निवासी सीडे चकरपुर थाना राजेपुर जिला फर्रुखाबाद का रहने वाला है और वर्तमान में यहां आरटीओ ऑफिस के पीछे कॉलोनी में रहता है। एक संगठित गिरोह बनाकर साइबर फ्राॅड की घटना को अंजाम देता है। 

 

एएसपी ने बताया कि आरोपी ने जस्ट डायल एप पर अपनी आईडी बनाई है। इस एप पर जब कोई थोक विक्रेता सामान खरीदने के लिए ऑर्डर देना चाहता तो इसको जानकारी हो जाती थी। इसके बाद चंदन उसी वस्तु से संबंधित फोटो और वीडियो थोक विक्रेता के व्हाट्सएप पर भेजता। विश्वास दिलाने के लिए व्यापार एप के माध्यम से फर्जी बिल बनाकर भेजता था। इसके बाद एडवांस के नाम पर अलग-अलग खातों में रुपये डलवाए जाते थे। व्यक्तिगत खाता धारकों को आने वाली रकम का 30 प्रतिशत और जनसेवा केंद्र से निकालने पर संचालक को 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।

 

आरोपी चंदन प्रताप सिंह इसी तरह से कई राज्यों में लोगों के साथ साइबर फ्राड की घटना को अंजाम दे चुका है। इसके ऊपर अलग-अलग धाराओं में कोतवाली देहात व राजेपुर थाना में 3 केस दर्ज हैं। इसके साथ पकड़ा गया लोकेंद्र निवासी पुरा सेंथरी पर जनसेवा केंद्र चलाता है। इनके पास से 3 मोबाइल, 5 सिम कार्ड, 1 बैंक पासबुक, 1 एटीएम और 1500 रुपये बरामद किए गए हैं।

 
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लखनऊ में रहने वाले युवक ने दिया था साइबर ठगी का प्रशिक्षण
सीओ सदर व साइबर क्राइम पर्यवेक्षक संजय कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ में रहने वाले एक युवक ने चंदन के गांव के एक लड़के को साइबर ठगी करने का प्रशिक्षण दिया था। उसने आकर चंदन प्रताप सिंह को सिखाया। इसके बाद आरोपी ने गिरोह बनाकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया। इसी रुपये से प्लाॅट लेकर आरोपी मकान बनवा रहा था। अन्य शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।

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