पुलिस भर्ती परीक्षा में भ्रष्टाचार और धांधली को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश रविवार को भड़क गया। मेहता पार्क में एकत्रित हुए सैकड़ों युवाओं ने प्रदर्शन कर हंगामा काटा और परीक्षा निरस्त कराए जाने के साथ मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई। इस मामले में कोर्ट में भी रिट दायर की जाएगी।
वर्ष 2012 में पुलिस विभाग में भर्ती के लिए जगह निकाली गई थीं, लेकिन इसे किन्हीं कारणों के चलते निरस्त कर दिया गया। सपा सरकार में फिर से पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती के लिए जगह निकाली गई। इसकी परीक्षा 14 दिसंबर 2014 को हुई। एटा जिले से 1500 के लगभग युवाओं ने आवेदन किए, जिनमें से 200-250 युवाओं के पास लेटर आए। अभ्यर्थियों का कहना है कि 19 मार्च को जो ओबीसी की कटऑफ सूची जारी हुई है, वह 305.9564 है। विभाग द्वारा 27 मार्च से शुरू किए जा रहे मेडिकल और शारीरिक दक्षता के लिए जो युवाओं को कॉल लेटर जारी किए हैं, उनमें ऐसे युवाओं को शामिल किया गया जिनके ओबीसी कट ऑफ सूची में नंबर कम हैं, जबकि ज्यादा नंबर वाले युवाओं को इससे वंचित कर दिया है।
आरोप है कि अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर ऐसा किया है।
इसके विरोध में युवाओं ने रविवार को मेहता पार्क पर प्रदर्शन किया और जमकर हंगामा काटा। युवाआें ने मांग की तत्काल पुलिस भर्ती परीक्षा निरस्त कर सीबीआई जांच करानी चाहिए। इस संबंध में युवाओं की सोमवार को सुबह 11 बजे मेहता पार्क में बैठक होगी।
दो साल से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। ओबीसी कटऑफ सूची में 277.203 नंबर आए हैं, 277 से कम नंबर वाले अभ्यर्थियों के पास शारीरिक दक्षता की परीक्षा के कॉल लेटर आए। परीक्षा निरस्त होनी चाहिए।
- मुकेश कुमार
बताया जा रहा है कि उक्त परीक्षा में 55123 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिसमें 34000 लड़के इटावा, मैनपुरी से लिए हैं। शेष लड़के अन्य जिलों के हैं। उनके कटऑफ सूची में 293 नंबर आए हैं।
- विशेष यादव
उनके कटऑफ सूची में 270 नंबर आए हैं। कॉल लेटर उन्हें नहीं मिला है। पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली हुई है। इसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।
- योगेश कुमार
कट ऑफ सूची में 287 नंबर आए हैं। अधिकारियों ने पैसे लेकर जिन अभ्यर्थियों के परीक्षा में कम नंबर आए उनके नंबर बढ़ा दिए हैं और उन्हीं को कॉल लेटर जारी किए हैं। परीक्षा निरस्त होनी चाहिए।
- आकाश गुप्ता