मेडिकल कॉलेज के बच्चा वार्ड में भर्ती बच्चे और साथ में उनके परिजन। संवाद
- फोटो : -खनन परिवहन करने वाले वाहन की जांच करते खनन अधिकारी मफतलाल। स्रोत विभाग
एटा। सर्दी का असर बढ़ते ही बच्चों को निमोनिया और कोल्ड डायरिया जकड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 400 बच्चों को उपचार दिया जा रहा है। इनमें 20-25 बच्चे निमोनिया और डायरिया से पीड़ित मिल रहे हैं। गंभीर हाल वाले 20 बच्चों को वार्ड में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में रोज औसतन 20 से 25 बच्चे निमोनिया और कोल्ड डायरिया से पीड़ित चिह्नित किए जा रहे हैं। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को चिकित्सक बच्चा वार्ड में भर्ती करा रहे हैं। डॉ. गौरव ने बताया कि सर्दी का असर बढ़ने के साथ ही बच्चे बीमार पड़ने लगे हैं। नवजात शिशु से लेकर 10 साल तक के बच्चे सर्दी की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी बढ़ने की वजह से अधिकांश बच्चों को कोल्ड डायरिया की समस्या हो रही है। बाजार और दावतों के भोजन की वजह से भी उल्टी-दस्त हो रहे हैं।
परिजन को सलाह दी जा रही है कि बच्चों को ठंड से बचाकर रखें। शनिवार को बच्चा वार्ड में निमोनिया के 5 और डायरिया के 15 बच्चे भर्ती किए गए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। बच्चा वार्ड में निमोनिया पीड़ित बच्चों को भाप दी जा रही है। बताया कि बाल रोग विभाग में करीब 400 बच्चों की ओपीडी हो रही है जिन्हें उपचार दिया जा रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान..
- बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं।
- निमोनिया पीड़ित बच्चों को दिन में तीन बार भाप दें।
- डायरिया पीड़ित बच्चों को उबला हुआ पानी पिलाएं।
- ताजे फल व हरी सब्जियां खिलाएं।
- तला-मसालेदार व बाहर का भोजन करने से परहेज करें।
- ठंडे खाद्य व पेय पदार्थों से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।