एटा। कोहरे और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग ने वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। बिना रिफ्लेक्टिव टेप दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन स्वामियों को न केवल 10 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 104 का पालन कराने के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है जो 11 दिसंबर तक जारी रहेगा। इसके तहत यदि कोई वाहन बिना रिफ्लेक्टिव टेप के पहली बार पकड़ा जाता है तो उस पर 10000 रुपये का जुर्माना व 3 महीने की जेल या दोनों सजाएं हो सकती हैं। इसके अलावा 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है। वहीं दूसरी बार चालान होने पर 10000 रुपये तक का जुर्माना और 6 महीने तक की जेल का प्रावधान है। सबसे अहम बात यह है कि ऐसे वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र भी जारी नहीं किया जाएगा।