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फुलेरा दूज : शादियों के बीच फंसा यातायात, शाम को सड़कें जाम

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एटा। विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त कहे जाने वाले फुलेरा दूज के दिन शुक्रवार को जिले भर में 200 से अधिक विवाह समारोह हुए। इनमें से 60 शादियां शहर में ही हुईं। इसकी भीड़ में यातायात फंसा नजर आया। शहर में दिन भर जाम के हालात रहे। दोपहर बाद तो मुख्य सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। जबकि बरात चढ़ने पर शाम के समय सड़कें जाम हो गईं। शुक्रवार के बाद अब मांगलिक कार्यों पर रोक लग गई है। 15 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे।
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23 फरवरी को गुरु अस्त होने के बाद विवाह-शादी वर्जित हो गए थे। जबकि 15 अप्रैल को गुरु उदय होंगे। ऐसे में लोगों को शादी-विवाह के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच 4 मार्च को फुलेरा दूज पर अबूझ मुहूर्त में विवाह करने का बड़ा अवसर लोगों को मिला। ऐसे में बड़ी संख्या में शादियों की तैयारी काफी दिन पहले से की जा रही थी।
शहर के सभी विवाह स्थल बुक कर लिए गए, जबकि बाद में बुकिंग कराने गए लोगों को तो प्रमुख विवाह स्थल मिले ही नहीं। वहीं बैंडों मालिकों ने भी मुहूर्त का जमकर फायदा उठाया। तीन शिफ्ट में बुकिंग लीं। विवाह समारोह का असर सुबह से ही देखने को मिलने लगा। सड़कों पर भीड़ और वाहनों के दबाव के चलते वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे थे। दोपहर बाद जीटी रोड पर बहुत ज्यादा भीड़ हो गई। खासतौर से रोडवेज बस स्टैंड पर आने और जाने वाले लोग बड़ी संख्या में लगातार उमड़ रहे थे।
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यहां अधिक रही परेशानी
वाहनों की अधिकता से पं. दीनदयाल उपाध्याय चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, ठंडी सड़क तिराहा, घंटाघर मोड़ से लेकर तहसील तक बार-बार जाम लग रहा था। शाम छह बजे से जैसे ही बरातें चढ़ना शुरू हुईं, कई सड़कों पर यातायात व्यवस्था ढेर हो गई। बैंड-बाजों की धुन पर बराती नाचते रहे और वाहन उनके आगे-पीछे फंसे थे। ठंडी सड़क, आगरा रोड, कासगंज रोड, निधौली रोड, शिकोहाबाद रोड पर लोगों का निकलना दूभर हो गया। खासतौर से आगरा रोड और शिकोहाबाद रोड पर हालात ज्यादा खराब रहे। इन मार्गों पर सबसे अधिक विवाह स्थल हैं। देररात तक यह स्थिति बनी रही।
ज्योतिषाचार्य गोविंद दुबे ने बताया कि इस समय गुरु अस्त हैं। विवाह समारोह 15 अप्रैल से शुरू होंगे। अबूझ मुहूर्त होने के कारण फुलेरा दूज पर शुक्रवार को शहर में 60 शादियां हुई हैं। उन्होंने बताया कि फुलैरा दूज का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है। इस दिन जो भी कार्य किया जाए, वह स्वत: शुभ हो जाता है। मुहूर्त देखने की जरूरत नहीं होती।
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