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छोटे नोटों की गड्डी की मुस्कान लेकर लौटे लोग

Thu, 10 Nov 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
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छोटे नोटों की गड्डी की मुस्कान लेकर लौटे लोग - फोटो : अमर उजाला
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जिले की 142 बैंक शाखाओं में गुरुवार को 500-1000 रुपये के नोट जमा कराने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। भीड़ नियंत्रित करने के लिए बैंक शाखाओं में अतिरिक्त गार्ड के अलावा पुलिस बल तैनात करना पड़ा। फोटो स्टेट की दुकान पर भी बैंकों जैसी ही भीड़ देखी गई। छोटे नोटों की गड्डी पाकर लोग खुशी से घर लौटे। गुरुवार को ग्राहक घर से आधार, पहचान पत्र लेकर निकले थे।
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जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक के करेंसी चेस्ट हैं। इसके चलते इन बैंकों में जमा और निकासी के लिए ग्राहकों को 100, 50, 10, 20 रुपये के नोट आसानी से मिल गए। वहीं पंजाब नेशनल बैंक और इलाहाबाद बैंक में ग्राहकों को 100-50 के अलावा 10-20 बीस रुपये के नोट की गड्डियां मिलीं। गुुरुवार सुबह ग्राहक नौ बजे से ही बैंक में आधार कार्ड, पैन कार्ड और पहचान पत्र की कॉपी लेकर लाइन में लग गए थे। सबसे ज्यादा दिक्कतें डाकघर खाता धारकों को हुई। मुख्य डाकघर एटा में कई ग्राहकों को कर्मचारियों ने भगा दिया गया।

वहीं सराय अगहत स्थित उप डाकघर में कर्मचारियों ने ऊपर के आदेश का हवाला देकर ग्राहकों से लेनदेन करने से ही इनकार कर दिया। इसके चलते जमकर हंगामा हुआ। जिला मुख्यालय से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ दिखाई दी। आलम यह था जिस 10, 20, 50 के नोट की गड्डी देने के लिए ग्राहकाें को सुविधा शुल्क देना पड़ता था या ग्राहक बैंक से लेते नहीं थे। गुरुवार को उन्हीं छोटे नोटों की गड्यिां बैंक भी ग्र्राहकों को दे रहे थे और ग्राहक भी छोटे नोट आसानी से लेकर मुस्करा कर लौट रहे थे।
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 500-1000 के नोट बंद होने के बाद करंट खाता धारक और कई व्यापारी सक्रिय हो गए। आलम यह है कि कई कारोबारी 1000 रुपये का नोट 900, 950 रुपये में बदल रहे हैं। वहीं रोडवेज बसअड्डे के आसपास ऐसा गिरोह सक्रिय हो गया है, जो यात्रियों से 500 का नोट लेकर 400-450 में एक्सचेंज कर रहा है। एसबीआई और सेंट्रल बैंक के करेंसी चेस्ट में गुरुवार शाम तक नई करेंसी कानपुर से पहुंच जाएगी। गुरुवार को बैंकों में कर्मचारी चर्चा करते सुनाई दिए कि यदि पुलिस विभाग समय पर सुरक्षा मुहैया कराता तो वाहन समय पर आरबीआई कानपुर पहुंचते और नई करेंसी बैंकों में आने से ग्राहकों को परेशानी नहीं होती। एसएसपी राजेश कृष्ण ने कहा कि बुधवार को करंसी सुरक्षा के लिए 1 सीओ 4 इंस्पेक्टर, 32 सिपाही गुरुवार सुबह पांच बजे के लिए एसबीआई अफसरों ने मांगे थे। बैंक की डिमांड पर गुरुवार सुबह सुरक्षा मुहैया करा दी गई है। वहीं, गुरुवार को बैंक शाखाएं खुलते ही पुलिस बल के अलावा प्रशासनिक अफसर बैंक शाखाओं के चक्कर लगाते दिखाई दिए। शहर में जहां एडीएम, एसडीएम, सीओ ग्राहकों की भीड़ नियंत्रित करने का जिम्मा संभाले रहे। ग्रामीण क्षेत्र मे एएसपी विर्सजन सिंह यादव, सीओ, एसओ पुलिस बल के साथ बैंक शाखाओं में गश्त करते रहे।  गुरुवार को बैंक खुलने और ग्राहकों को छोटे मिलने से कारोबारियों ने राहत की सांस ली है।

500-1000 के  नोट से बैंक लोन चुकाएं
केनरा बैंक के रीजनल मैनेजर ने कहा कि जिन लोगों के पास बैंक लोन बकाया है। उनके पास 500-1000 रुपये के नोट हैं। ऐसे ग्राहक नोट बदलने या जमा करने की लाइन में लगने के बजाय बैंक लोन चुका कर अपने बड़े नोटों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ग्राहक बैंक को बड़े नोट देकर अपना कर्ज उतार सकते हैं। केनरा बैंक ने आगरा और अलीगढ़ से 100, 50, 20, 10 रुपये नोट मंगाए हैं। केनरा बैंक प्रबंधन का दावा है कि गुरुवार देर रात आठ बजे तक केनरा बैंक की एटीएम मशीनों से कैश की निकासी शुुरू हो जाएगी।  

 
दोपहर बाद बैंकों शाखाओं में कैश खत्म
एसबीआई, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक शाखाओ को छोड़ कर बाकी की बैंक शाखाओं में 100, 50, 20, 10 रुपये के नोट खत्म हो गए। इसके चलते ग्राहकों को सिर्फ अपनी रकम खाते में जमा करने से संतोष करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्र में की बैंक शाखाओं में तो 12 बजे के बाद ग्राहकों के पैसे की निकासी नहीं हुई।
 
बैंक शाखाओं में बचे थे सिर्फ दो अरब रुपये  
नौ नवंबर को निर्णय आया। दस नवंबर को जिले की बैंक शाखाएं दिनभर 10, 20, 50, 100 रुपये के नोट काउंट करती रहीं। बैंक के अधिकारिक सूत्रों की माने तो जिले की बैंक शाखाओं में रिजर्व मिला कर सिर्फ दो अरब रुपये के नोट बचे थे। कुछ बैंकों में गुरुवार सुबह आगरा और अलीगढ़ से कैश मंगाया गया।
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