जैथरा के सौंखा में निर्माणाधीन मार्ग। संवाद
जैथरा। क्षेत्र के गांव सोखा का एक किमी का रास्ता आज भी कच्चा है। हैरत की बात यह है कि सोखा गांव के रास्ते का आजादी के बाद से खड़ंजा निर्माण तक नहीं हो सका है। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के चलते गांव के अधिकांश लोग पलायन करते जा रहे हैं।
मेंदूपुरा ग्राम पंचायत के गांव सोखा में शत प्रतिशत ब्राह्मण समाज की आबादी है। गांव में लगभग 125 मतदाता हैं इसमें आधे से अधिक लोग शहरों में निवास करते हैं। गांव में न कोई बच्चा रहता है और न युवा क्योंकि बच्चे के समझदार होते ही उसे पढ़ने के लिए शहर भेज दिया जाता है। इसलिए गांव में बहुत कम लोग निवास करते हैं। कम संख्या होने पर कोई जनप्रतिनिधि इस गांव के सड़क निर्माण की पहल नहीं करता। न गांव के किसी व्यक्ति ने अभी तक किसी जनप्रतिनिधि से सड़क का निर्माण कराने के लिए पहल की है।
राजेश द्विवेदी ने कहा कि कई पीढि़यां बदल गईं लेकिन गांव के हालात नहीं सुधरे। उन्होंने कहा अधिकांश लोग संपन्न हैं और बाहर शहरों-महानगरों में परिवार के साथ शिफ्ट हो चुके हैं। अधिकांश परिवार उच्च शिक्षित होने पर कोई किसी राजनीतिक व्यक्ति के दरबार में नहीं जाना चाहता। छुट्टियों में कुछ दिनों के लिए आने के बाद सभी वापस चले जाते हैं। जैथरा से दरियावगंज रोड से मेंदूपुरा की दूरी एक किमी है। मेंदूपुरा मोड़ से सोखा गांव की दूरी एक किमी है।
एक किमी दूरी की सड़क शुरू से कच्ची है जिसका निर्माण नहीं हो सका है। कच्चा मार्ग होने से बारिश के मौसम में जलभराव रहता है। इससे वाहन से गुजरना भी मुश्किल होता है। फिसलने के डर की वजह से लोग पैदल गुजरना उचित समझते हैं। राजेश द्विवेदी ने कहा समस्या का संज्ञान लेते हुए विधायक सत्यपाल सिंह राठौर की पहल पर कच्चे मार्ग पर मिट्टी डालने का काम चल रहा है।