बाईपास न होना मरीजों के लिए भी समस्या बन गया है। सर्कुलर रोड का जाम आपातकालीन समय में नासूर बन जाता है, जब गंभीर अवस्था में मरीज को चिकित्सालय से लाना ले जाना होता है या एंबुलेंस मरीज को बाहर लेकर जाती है उस समय जाम में घंटो वाहन फंसे रहते हैं। मरीजों की जान का जोखिम भी बना रहता है।
सर्कुलर रोड पर जाम के हालात सुबह से ही शुरू हो जाते हैं और देर रात तक निजात नहीं मिलती। दोपहर के समय में यह हालात इतने विकराल हो जाते हैं कि हर कोई हालातों को देख तौबा कर जाता है। जिला प्रशासन भी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन भी इस जाम में घंटो फंस जाते हैं।
बाईपास की मुहिम को लेकर लोगों के हस्ताक्षर कर शासन प्रशासन से लगातार बाईपास निर्माण की मांग उठाई जा रही है। समाजसेवी माधव तिवारी ने गांधी मूर्ति और तहसील परिसर पर अपनी टीम के साथ सोमवार को हस्ताक्षर अभियान चलाया। सर्कुलर रोड पर प्रतिदिन 10 घंटे का जाम रहता है। ऐसे में आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो जाती हैं। मरीजों, तीमारदारों की जान का जोखिम भी बना रहता है उनके वाहन भी फंसे रहते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से बाईपास के शीघ्र निर्माण की मांग उठाई। हस्ताक्षर अभियान के दौरान जुबैर अहमद, लोकेश तिवारी, इशराह हुसैन अंसारी आदि मौजूद रहे।