मेडिकल कॉलेज के दवा काउंटर के बाहर दवा लेने के लिए खड़े मरीज व तीमारदार। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के मुताबिक दवा काउंटर पर दवाएं नहीं मिल रहीं हैं। मरीजों को कोई भी दवा पकड़ा कर चलता किया जा रहा है। लिखी गई डोज से अधिक क्षमता की भी दवाएं दी जा रहीं हैं। इससे मरीजों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। वहीं कुछ दवाएं काउंटर पर उपलब्ध भी नहीं हैं।
मेडिकल कॉलेज के पास ही दवा काउंटर है जहां से हर रोज हजारों की संख्या में मरीज दवा लेते हैं। इन मरीजों के साथ दवा काउंटर पर लापरवाही की जा रही है। ईएनटी विभाग में चिकित्सक द्वारा एक मरीज को कान का ड्रॉप लिखा गया। जब मरीज दवा काउंटर पर पहुंचा तो उससे ड्रॉप न होने की कहकर मना कर दिया गया।
इसी तरह के एक दूसरे मामले में एक बच्चे को अमोक्सीसिलिन एंड पोटेशियम 375 एमजी की टेबलेट चिकित्सकों द्वारा लिखी गई लेकिन दवा काउंटर पर उसे अमोक्सीसिलिन एंड पोटेशियम 500 एमजी की टेबलेट दे दी गई। इसके साथ ही कर्मचारी चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाओं के अतिरिक्त दूसरी दवाएं दे रहे हैं। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है। कर्मचारियों को निर्देश दिए जाएंगे जो दवाएं चिकित्सकों द्वारा लिखी जा रही हैं वही दवाएं मरीजों को दी जाएं।