एटा। अप्रैल माह में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया था। इसमें कई विभागों की ओर से संयुक्त कार्रवाई करके ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में कार्य करने थे। ताकि लोगों को बीमारियों से बचाया जा सके। अभियान समाप्त होने पर प्रगति आख्या देखी गई तो उसमें पंचायती राज विभाग और कृषि विभाग के कार्य निराशाजनक सामने आए हैं।
पंचायती राज विभाग की ओर से साफ सफाई कराए जाने और लोगों को जागरूक करने का जिम्मा सौंपा गया था। इसमें चार बिंदुओं को शामिल गया गया। झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, जलभराव का निस्तारण और हैंडपंप के पानी पीने व जलस्रोत की जानकारी देना था। इनमें से झाड़ियों की कटाई व नालियों की सफाई व्यवस्था ब्लॉक अलीगंज क्षेत्र में उचित नहीं हो सकी। इसकी वजह से 59 फीसदी काम रह गया। वहीं जैथरा में 65 फीसदी ही काम हो सका। इसी तरह नालियों की सफाई में अलीगंज में 74, जैथरा 73 और सकीट में 84 फीसदी काम हो पाया। जलभराव की स्थिति सबसे ज्यादा अलीगंज में चिंताजनक रही। यहां पर 40 फीसदी और जैथरा में 83 फीसदी कार्य रहा है।
वहीं कृषि विभाग को चूहा, छछूंदर से फैलने वाली बीमारियों से बचाव करने का दायित्व दिया गया था। विभाग की ओर से जैथरा, जलेसर में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। इसकी वजह से जिला स्तर पर 82 फीसदी ही काम हो सका। इसके अलावा नगर पालिका क्षेत्र की बात की जाए तो एटा शहर और सकीट की स्थिति अच्छी नहीं रही। यूनीसेफ जिला कार्डिनेटर आलोक वर्मा ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान की मासिक रिपोर्ट भेजी गई है। उसमें कई विभागों की प्रगति निराशाजनक रही है। इसमें पंचायती राज विभाग, कृषि और नगर पालिका क्षेत्रों ने काफी निराश किया है।