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Etah News: जिले में 4067 विद्यार्थियों का नहीं बना पेन नंबर

Thu, 18 Apr 2024 10:57 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
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एटा। शासन से सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पहचान और एकेडमिक डिटेल रखने के लिए पेन (परमानेंट एनरोलमेंट नंबर) अनिवार्य कर दिया गया है। इसे जेनरेट करने के लिए स्कूल प्रबंधकों को यू-डायस पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है, लेकिन 4067 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिनका यह नंबर नहीं बना है।
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जिले में 2720 बेसिक शिक्षा विभाग, 571 माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालय व 33 मदरसा संचालित हैं। शैक्षिक वर्ष 2023-24 की बात करें को इन विद्यालयों में 378237 विद्यार्थी पंजीकृत थे। शासन से बीते शैक्षिक सत्र में ही परमानेंट एजुकेशन नंबर की प्रक्रिया को चालू कर दिया गया था। विद्यालयों को नंबर जारी करने को कहा गया। जिसे यू- डायस पोर्टल पर डाला गया। जिला समन्यवक एमआईएस अविनाश शुक्ला ने बताया कि 378237 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 374170 कुल 98.92 प्रतिशत स्कूलों ने यू-डायस पोर्टल पर स्टूडेंट प्रोफाइल को अपडेट कर दिया है। लेकिन 4067 बच्चों का डाटा अभी तक अपडेट नहीं हुआ है। यानि की इनका पेन नंबर नहीं बना है। इसे न बनाने को लेकर 18 विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है।

टीसी के साथ पेन व आधार नंबर लिखना जरूरी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया शैक्षिक सत्र 2023-24 सभी विद्यार्थियों का रिकार्ड यू-डायस प्लस पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा रहा है। आधार नंबर से छात्र का पेन नंबर पोर्टल से विद्यालय द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। टीसी के साथ पेन व आधार नंबर लिखना अब जरूरी है। विद्यार्थियों के नामांकन से पहले अभिभावकों को स्कूल का यू-डायस नंबर जरूर चेक करना चाहिए। राज्य बदलने पर भी विद्यार्थी का पेन नंबर वही रहेगा।
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फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
बीएसए ने बताया कि पेन नंबर से स्कूल के साथ-साथ बच्चों के नामांकन में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। कई मामलों में यह होता है कि अभिभावक किसी भी सरकारी या गैर सरकारी स्कूल से टीसी लेकर अन्य स्कूलों में बच्चों का नामांकन करा देते हैं। जबकि बच्चों का नाम स्कूल के रजिस्टर पर अंकित नहीं है। बिना रिकॉर्ड मेंटेन किए ही टीसी जारी कर दिया जाता था। पेन नंबर से अब ऐसा नहीं होगा। जिनके पास यह नंबर होगा उन्हीं बच्चों का अन्य स्कूल में नामांकन होगा।
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