आठ माह बाद होने वाली पालिका परिषद बोर्ड की बैठक सभासदों की नाराजगी
के चलते नहीं हो सकी। बैठक में पहुंचे विधायक को पालिकाध्यक्ष और अधिशासी
अधिकारी नहीं मिले। डीएम से शिकायत और कार्रवाई की मांग की।
पालिका बोर्ड के गठन के तीन साल के बाद पालिका बोर्ड बैठक की सूचना
मिलने पर बैठक में शामिल होने पहुंचे विधायक रणजीत सुमन को पालिकाध्यक्ष और
अधिकारी नहीं मिले। जानकारी करने पर पता चला कि सभी जिला मुख्यालय गए हैं।
जिसके चलते नाराज विधायक ने डीएम से शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कहा मौजूदा समय में महानगरों के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए धन आवंटित
किया जा रहा है, लेकिन पालिका परिषद ने सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा
है। वहीं अधिकारी भी नहीं आ रहे। उक्त आवंटित धन से किए जा रहे कार्यों की
पूरी जानकारी पालिका प्रशासन को देनी होगी। इस मौके पर सभासद संघ के
अध्यक्ष मुकेश भाटिया, उपाध्यक्ष शहजाद खलीफा, महामंत्री शैलेंद्र सिंह
सुमन, राजकुमार निराला, महेशचंद्र शर्मा, हनीफ उस्मानी आदि मौजूद थे।
सभासदों ने यूं किया बहिष्कार
नगर
पालिका परिषद की आयोजित बोर्ड बैठक का बहिष्कार किए जाने के संबंध में
महामंत्री शैलेंद्र सिंह सुमन ने बताया कि पिछले छह माह से पालिका प्रशासन
से पिछली बोर्ड बैठक की कार्रवाई की छायप्रति और विकास कार्यों पर खर्च
धनराशि का हिसाब मांगा था। लेकिन पालिका बोर्ड ने नहीं दी। अभद्रता के कारण
बोर्ड ने बहिष्कार की धमकी दी थी।