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पैथालाजी में धूल फांक रही लाखों की हाईटेक मशीनें,

Mon, 20 Feb 2017 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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बीमार है स्वास्थ्य सेवाएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 जिला अस्पताल में मरीजों के लिए शासन से भेजी गई पैथॉलाजी टेस्ट के लिए हाईटेक मशीनें रीजेंट की आपूर्ति और स्टाफ ट्रेंड नहीं होने से पिछले एक महीने से धूल फांक रहीं हैं। वहीं जागरूकता अभियान नहीं चलने से जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सिर्फ तीन यूनिट खून बचा है और ब्लड सेपरेटर कंपोनेंट भी नहीं लगे। जिला अस्पताल में 12000 डोज एंटी रैबीज वैक्सीन आ गई है, लेकिन वैक्सीन सीएचसी और पीएचसी में नहीं भेजी गई।
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जिला अस्पताल में 12000 डोज एंटी रैबीज वैक्सीन की आपूर्ति हो चुकी है, लेकिन अफसरों की अनदेखी से जिले की सीएचसी और पीएचसी में वैक्सीन नहीं भेजी गई है। ऐसे में जिले भर के मरीज जिला अस्पताल में कुत्ता और बंदर काटने का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। सोमवार को 400 लोगों को एंटी रैबीज के टीके लगाए गए। यदि समय पर वैक्सीन सीएचसी, पीएचसी में पहुंचती तो ग्रामीणों को दौड़ नहीं लगानी पड़ती। सीएमओ डा. आरसी पांडेय का कहना है कि एंटी रैबीज वैक्सीन की 2000 डोज सीएचसी, पीएसची को भेजी गई हैं। लेकिन अलीगंज, राजा का रामपुर, जलेसर में वैक्सीन नहीं पहुंची है।  

जिला अस्पताल में बायोकैमिस्ट्री टेस्ट (टीएलसी, डीएलसी, एचबी, प्लेटलेट्स, शुगर, यूरिया, लिवर और किडनी फंकशन) के लिए वर्ल्ड क्लास हाईटेक मशीन इंस्टॉल हुई है। इलेक्ट्रोलाइट मशीन (सोडियम, पोटेशियम, कैल्शियम, लीथियम टेस्ट के लिए), मिनी कंपलीट प्लड काउंट एनालाइजर (एचबीसी, डब्लूबीसी, प्लेटलेट्स टेस्ट) और डायबिटीज हिस्ट्री बताने वाली डायबिटीज टेस्ट मशीन है। लेकिन स्टाफ ट्रेंड नहीं होने से हाईटेक मशीने धूल फांक रहीं हैं। सीनियर लैब टेक्नीशियन डीएस कुलश्रेष्ठ और काउंसलर मुकेश यादव ने कहा रीजेंट की आपूर्ति होने पर कई मशीनों का उपयोग हो सकता है। लेकिन कंपनी पोक्ट ने स्टाफ को ट्रेंड करना तो दूर रीजेंट तक नहीं भेजा है। इसके चलते मरीजों को मोटी फीस देकर निजी पैथलाजी में जांच करानी पड़ रहीं हैं।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 22 लाख रुपये कीमत से ब्लड सेपरेटर कंपोनेंट लगना है। छह महीने पहले शासन से 22 लाख रुपये जारी हुए, लेकिन मशीन नहीं खरीदी गई। जबकि ब्लड सेपरेटर कंपोनेंट लगने से मरीजों को डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स समेत खून से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान हो सकता था। यही नहीं जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में तीन यूनिट खून बचा है। चुनाव प्रचार में सीएम मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने पर ब्लड डोनेशन कैंप लगा कर तीन यूनिट खून एकत्र किया गया। इससे पहले कैंप लगाने की पहल नहीं हुई। सीएमएस डाक्टर एके चतुर्वेंदी ने कहा ब्लड सेपरेटर कंपोनेंट का धन खाते में पड़ा है। ब्लड बैंक के कहने पर कंपोनेंट लगेगा।
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