नगर पालिका क्षेत्र में चार साल पहले बिछाई गई पेयजल पाइप लाइन टूटने के कारण छह किमी एरिया में रहने वाले लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोग हैंडपंप के अलावा पालिका की पुरानी जर्जर पाइपलाइन पर निर्भर है। पालिका प्रशासन की उदासीनता के कारण शहरवासी पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत कराने पर ध्यान नहीं जा रहा।
नगर पालिका क्षेत्र में गंजडुंडवारा तिराहा, कचहरी रोड डाकघर, निधौलीकलां रोड, आगरा रोड पर ट्रांसफार्मर, किदवई नगर के पास समेत छह स्थानों पर चार किमी एरिया में जलनिगम द्वारा चार साल पहले बिछाई गई पाइपलाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। इन इलाके की पाइप लाइन से करीब 2500 पेयजल कनेक्शन हैं। एक साल से नई लाइन से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। पालिका ने पुरानी लाइन से पेयजल आपूर्ति शुरू की, लेकिन उस लाइन से पानी घरों तक नहीं पहुंच रहा। इसके चलते सैकड़ों लोगों को सुबह होते ही हैंडपंप से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। यही नहीं पालिका की पुरानी पाइप लाइन सफाई कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त होने से गंदे पानी आपूर्ति हो रही है। इसके चलते लोगों को परेशान हैं। जल निगम के एई भारत भूषण का कहना है कि चार साल पहले पाइप लाइन बिछाने के बाद पालिका का हैंडओवर कर दी गई थी। अब यदि पाइप लाइन कहीं क्षतिग्रस्त होती है तो उसकी जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की है। वहंी पालिका अधिकारी क्षतिग्रस्त पाइल पाइन की मस्म्मत के लिए जलनिगम अफसरों का मुंह ताक रहे हैं। ऐसे में निगम और इसके चलते हजारों परिवाराें को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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इन कालोनियों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित
आवास विकास, कदवईनगर, रैवाड़ी मोहल्ल्रा, पटियाली गेट चौकी, पीपल अड्डा और शिवसिंह पुर कालोनी, आगरा चुंगी, वनगांव कालोनी, शृंगार नगर, अवागढ़ हाउस, नरायणनगर, आधा सिविल लाइन, लालपुर , यादव नगर, वर्मा नगर समेत करीब बीस कालोनियों शामिल हैं।
जल निगम द्वारा डाली गई पाइपलाइन मानक के विपरीत है। कई स्थान पर लाइन बिछाई नहीं गई। बाद में पुरानी पाइप लाइन से इंटरकनेक्ट की गई। पुरानी पाइप लाइन से पानी की सप्लाई की जा रही है। गंदा पानी का मुख्य कारण नालों की सफाई के दौरान पाइप टूटना है। मरम्मत कराई जा ही है। अमृत योजना को मंजूरी मिलते ही पूरे शहर में पानी आसानी से सुलभ होगा।
- सोबरन सिंह, जलकल प्रभारी, नगर पालिका एटा