एटा। निधौली कलां ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय मीलगढ़ी के प्रधानाध्यापक की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। परिवार में अन्य कोई कमाई का स्रोत नहीं है। दो छोटे बच्चों के पिता छिनने के बाद उनके भविष्य पर अंधकार मंडरा रहा है।
विकास खंड निधौली कलां क्षेत्र के प्रावि मीलगढ़ी में तैनात प्रधानाध्यापक महेश यादव परिवार सहित गांव खिदरपुर में रहते थे। हंसी-खुशी से परिवार का जीवन-यापन हो रहा था। इस बीच उनकी ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगाई गई। उनकी पत्नी अंजू ने बताया कि ड्यूटी करने के बाद पति घर लौटे तो हल्का बुखार हुआ। दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिलने पर 6 मई को कोरोना टेस्ट कराया। जिसमें वह पॉजिटिव निकले।
डॉक्टर ने दवा देकर होम आइसोलेट कर दिया। 8 मई को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर निधौली कलां सीएचसी ले गए। सांस लेने में बहुत अधिक तकलीफ हो रही थी। ऑक्सीजन स्तर 74 के पास पहुंच चुका था। उसी दिन बागवाला कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। 10 मई को आगरा के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां 12 मई को उनकी मृत्यु हो गई।
बच्चों के भविष्य की चुनौती
अंजू बताती है कि पुत्र आयूष 6 साल और पीयूष एक साल का है। बड़ा बेटा कक्षा एक में पढ़ रहा है। पूरे घर का खर्च पति की आमदनी से ही चलता था। ससुर प्यारेलाल किसान हैं। ऐसे में बच्चों के भविष्य की बड़ी चुनौती उनके सामने है।
पीड़ित परिवारों को दिलाकर रहेंगे न्याय
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राकेश चौहान ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित मृत शिक्षकों के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाकर रहेंगे। चाहे इसके लिए बड़ा आंदोलन ही क्यों न करना पड़े।