एटा। सरकार की ओर से किसानों को अनुदानित बीज उपलब्ध कराया जाता है। जिससे कि खेती में होने वाला किसानों का व्यय कम हो और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। लेकिन राजकीय कृषि बीज भंडार जैथरा पर नर्सरी के समय बीज खत्म हो गया है। इसका नोटिस वहां चस्पा कर दिया गया है। किसान मायूस लौट रहे हैं।कुछ वर्षों पूर्व विकासखंड परिसर में राजकीय बीज भंडार खुलने से किसानों में खुशी थी कि समय पर उन्नत किस्मों के फसली बीजों की उपलब्धता बनी रहेगी। ज्यादा से ज्यादा किसान रियायती दरों पर आसानी से बीज खरीद पाएंगे। खरीफ की फसलों में जैथरा और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई प्रमुखता से की जाती है। इसीलिए प्रतिदिन कई किसान धान का बीज लेने के लिए जैथरा ब्लॉक में पहुंच रहे हैं। लेकिन राजकीय कृषि बीज भंडार के बाहर लगा नोटिस किसानों को चिढ़ा रहा है।
गोदाम पर 50 क्विंटल बीज भेजा गया। जिसे अभिलेखों में वितरित दिखा दिया गया है। जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि बीज का वितरण कब और किसे हुआ, इसका किसी को पता नहीं है। किसान बीज की कालाबाजारी के भी आरोप लगा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर वितरण किया जाता है। किसी की कोई शिकायत मिलती है तो जांच करा ली जाएगी।
मौसम धान की रोपाई व नर्सरी करने के अनुकूल हो चुका है। लेकिन सरकारी केंद्र पर बीज नहीं मिल पा रहा। बाजार से महंगा बीज खरीदना पड़ा है।
काशीराम पाल, जैथरा
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जरूरत पर बीज गोदाम गए तो देखा कि वहां बीज खत्म होने का नोटिस लगा हुआ था। जानकारी करने पर भी यही बताया गया। अब बाजार से ही खरीदेंगे।
गिरीश चंद्र द्विवेदी, सोखा