फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दरकने लगा है कासगंज रोड पर बना रेलवे ओवरब्रिज

विज्ञापन
हजारा नहर पर बना 143 साल पुराना पुल । - फोटो : ETAH
विज्ञापन
एटा। दिल्ली-कानपुर मार्ग पर एटा शहर में प्रवेश के लिए कासगंज रोड पर बना रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) दरकने लगा है। जगह-जगह से पुल की दीवारों में चौड़ी दरारें आ गई हैं, वहीं नीचे से प्लास्टर उखड़कर सरिया साफ चमकने लगी हैं। वहीं यहां मालगाड़ियों का हब बनाने ने लिए दो अतिरिक्त ट्रैक बिछाए जा रहे हैं। मालगाड़ियों के आवागमन के कारण पुल पर और प्रभाव पड़ेगा। वहीं यदि पुल क्षतिग्रस्त हुआ तो पूरा जीटी रोड बंद हो जाएगा।
विज्ञापन

आजादी के बाद वर्ष 1949 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने एटा रेलवे स्टेशन की आधारशिला रखी थी, उसी वर्ष में रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर आगे दिल्ली-कानपुर ग्रांड ट्रक रोड (जीटी रोड) पर रेलवे ट्रैक के ऊपर ओवरब्रिज बनाया गया था। सत्तर साल से भारी और हल्के वाहनों को भार सहन कर रहा आरओबी अब जर्जर होने लगा है। आरओबी के नीचे से प्लास्टर झड़ गया है और सरिया जंग खाकर गलने लगी हैं, वहीं पुल और सड़क के साइड की दीवार में गहरी दरार पड़ने लगी हैं, जबकि एक ओर की दीवार तो आधा ईंट तक अलग हट गई है।
रेलिंग हो गईं जर्जर, टूटकर गिरीं
आरओबी के दोनों ओर सीमेंटेड रैलिंग लगाई गई हैं। यह अधिकांश जगह से टूट गई हैं। इससे रात के समय कोई भी भारी वाहन तेज गति से गुजरते समय यहां से गिर सकता है। इससे बड़ा हादसा संभव है।
विज्ञापन

... और 143 साल से शान से खड़ा है यह पुल
एटा। हजारा नहर पर झेखा झाल के समीप नहर पर एक पुल बना है जो जिले की सीमा को फिरोजाबाद और इटावा से जोड़ता है। इस पुल का निर्माण वर्ष 1878 में तत्कालीन अंग्रेज सरकार ने कराया था। इस ब्रिज को नाम दिया गया ओरिसर ब्रिज, यह तत्कालीन डीएम के नाम पर रखा गया था। ब्रिज वर्तमान में भी पूरी मजबूती के साथ खड़ा हुआ है और हाल-फिलहालइसका कुछ नहीं बिगड़ने वाला है।

रेलवे पुल की क्षतिग्रस्त दीवार।- फोटो : ETAH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें