रसूलपुर गढ़ौली में घर में बीमार लेटी युवती। संवाद
मिरहची। विकासखंड मिरहची की ग्राम पंचायत रसूलपुर गढ़ौली में बुखार का प्रकोप बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। पिछले करीब 15 दिनों में 200 से अधिक लोग बुखार की चपेट में आ चुके हैं। कई मरीजों ने निजी पैथोलॉजी लैब में जांच कराई है जिसमें डेंगू की पुष्टि होने का दावा किया गया है। एक ग्रामीण की मौत भी हो चुकी है। गांव के कई घरों में बच्चे, महिलाएं, युवा और बुजुर्ग तेज बुखार व बदन दर्द से परेशान हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की नालियां लंबे समय से साफ नहीं हुई हैं। जगह-जगह गंदा पानी जमा है और कूड़े के ढेर लगे हैं। सफाई कर्मचारियों के नियमित नहीं आने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रधान और सचिव से कई बार शिकायत करने की बात कही है।
गांव पहुंचे विधायक, जाना हाल
डेंगू फैलने की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी शुक्रवार को गांव पहुंचे। उन्होंने घर-घर जाकर मरीजों का हाल जाना। बीमार बच्चों और बुजुर्गों की हालत देखने के बाद उन्होंने मौके पर खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रवि रंजन और सफाई कर्मचारियों को बुलाया। विधायक ने अधिकारियों को हालत में सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद गांव में नालियों की सफाई, कूड़ा हटाने, एंटी लार्वा दवा के छिड़काव और फॉगिंग का काम कराया गया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को शिविर लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच और दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गंभीर मरीजों को एटा मेडिकल कॉलेज भेजने को कहा।
स्वास्थ्य टीम ने लिए 50 से अधिक नमूने
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आशा कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंची। टीम ने घर-घर सर्वे कर बुखार से पीड़ित लोगों की सूची तैयार की और 50 से अधिक के नमूने लिए। प्रभारी चिकित्साधिकारी रवि रंजन ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
रसूलपुर गढ़ौली में स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर संदिग्ध मरीजों की जांच कर उन्हें उपचार दिया जा रहा है। गांव में लगातार शिविर लगाया जा रहा है। -डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ