एटा। एक ही वैक्सीनेटर ने जिले के चार अलग-अलग ब्लॉक में काम कर दिया। दो बैंक खातों में रुपये निकाल लिए। पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान और टीकाकरण में गड़बड़ी की शिकायत पर 3 सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
निधौली कलां ब्लॉक के कपरैटा ग्राम प्रधान शकीश कुमार ने डीएम को दी शिकायत में बताया कि कपरेटा निवासी विकास कुमार वैक्सीनेटर है जो पशुओं का टीकाकरण व गर्भाधान करने का काम करता है। इसने अपने भाई सुमित कुमार व गांव के अन्य सदस्यों अवधेश कुमार, आशीष कुमार, विनय कुमार, दुर्गेश, धर्मेश, शिवनेश उर्फ सोमेश और जगवीर निवासी नगला खिल्ली व रीतेश को साथ लेकर कई आईडी बनवा ली हैं।
जिनके माध्यम से फर्जी टीकाकरण दिखाकर लाखों रुपये निकाल लिए। इन लोगों ने न तो कभी किसी पशु का टीकाकरण किया है और न ही कृत्रिम गर्भाधान कराया है। किसी पशु के टैग भी नहीं लगाए गए हैं। टैग से भरी हुई बोरियों को घर में छुपाकर रखा है और कुछ को नहर में बहा दिया है।
आरोप है कि जनसेवा केंद्रों से आधार कार्ड लाकर फर्जी टीकाकरण व कृत्रिम गर्भाधान किया गया है और विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाया गया है। विकास की 4 आईडी हैं, जिनके माध्यम से उसने फर्जीवाड़ा कर 2 बैंकों के खातों से लाखों रुपये निकाले हैं। इस काम को ऑनलाइन करने के लिए इन लोगों ने दैनिक मजदूरी पर लड़के भी लगा रखे हैं।
आरोप यह भी लगाया गया है कि एक ही घर परिवार के लोग एक साथ इस प्रकार का काम कर रहे हैं। एक ही दिन में एक पशुपालक के 20-25 पशुओं का एक साथ कृत्रिम गर्भाधान करना दिखाया गया है। जबकि यह संभव ही नहीं है। एक आरोपी वैक्सीनेटर आशीष ने बताया कि रंजिश के चलते प्रधान ने झूठी शिकायत की है। पूरा काम विधिवत रूप से कराया गया है।