एटा। मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। सर्वाधिक दिक्कत सांस और बीपी के मरीजों को हो रही है। मंगलवार को सांस फूलने से बुजुर्ग महिला व बीपी बढ़ने से सोमवार को एक युवक की मौत हो गई। इमरजेंसी में 24 घंटे में सांस के 9 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
सराय जवाहरपुर निवासी हाकिम सिंह ने बताया कि उसकी 60 वर्षीय मां सुशीला देवी को सांस की काफी समय से समस्या थी। मंगलवार की सुबह सांस फूलने लगी। उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर गए। वहां चिकित्सक ने मृत बता दिया। शहर के मोहल्ला कैलाशगंज निवासी नवीन भारद्वाज ने बताया 43 वर्षीय पिता राजीव भारद्वाज का सोमवार को बीपी बढ़ गया था। वह एक क्लीनिक से दवा ले आए। बाद में उनकी हालत और बिगड़ गई। उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर गए। वहां चिकित्सक ने मृत बता दिया।
इसके अलावा 9 मरीज सांस फूलने के 24 घंटे में मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंचे। जबकि ओपीडी में 90 मरीजों की बीपी की जांच की गई। इसमें से 22 मरीजों का बीपी बढ़ा हुआ निकला। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया दिन में तापमान बढ़ जाता है। रात को कम हो जाता है। ऐसे में लापरवाही न करें। सांस रोगियों सहित कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीजों के लिए यह खतरनाक होता है।
यह बरतें सावधानी
- सुबह-शाम ऊनी कपड़े पहनें और शरीर को ढककर रखें।
- मौसम को देखते हुए सुबह टहलने निकलें तो गर्म कपड़े पहनें।
- सीने में दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के किसी दवा का सेवन न करें।
- सीने में बायीं ओर होने वाले दर्द को नजर अंदाज न करें।
- अधिक चिकनाई वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- हरी पत्तेदार सब्जियों का प्रयोग अधिक करें।
- देर रात तक न जागें और पर्याप्त नींद लें।
- सुबह के समय हल्का व्यायाम करें।