लगातार बढ़ रहे गर्मी के तेवर से लोगों के हलक सूख रहे हैं, लेकिन प्रशासन भी उन्हें तर नहीं कर पा रहा है। जिले के किसी भी विकास खंड से अभी तक हैंडपंप रिबोर की सूची नहीं मिली है। इस लापरवाही की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बढ़ सकती है।
जल निगम के रिकॉर्ड में जिले में इंडिया मार्का हैंडपंपों की संख्या 2,6975 है।
जैसे-जैसे गर्मी के तेवर बढ़ते जा रहे हैं वैसे-वैसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। कहीं से सरकारी नल के खराब तो कहीं से सरकारी नल के रीबोर होने की शिकायतें विकास खंड स्तर पर बढ़ती जा रही हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर लगे सरकारी नलों को ठीक कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव की होती है। किसी भी विकास खंड से जलनिगम को रिबोर नलों की सूची नहीं मिली है।
अभी तक जिले की किसी भी विकास खंड से रीबोर की कोई सूची नहीं मिली है, उन्होंने सभी विकास खंडों को पत्र लिखा है सूची मिलते ही रीबोर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नए हैंडपंपों के लिए कोई दिशा निर्देश नहीं हैं।
- एएस भाटी, अधिशासी अभियंता
लापरवाही की वजह से सही नहीं हो रहे नल
मारहरा। विकास खंड के कई गांवों में ऐसे सरकारी नल भी हैं, जो पिछले दो सालों से रिबोर होने हैं, लेकिन पंचायत कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से वो अभी तक सही नहीं हो पाए हैं। 54 ग्राम पंचायत हैं। इनमें से एक भी ग्राम पंचायत ऐसी नहीं है, जिसमें दो से लेकर तीन हैंडपंप खराब न हों। इसमें लोहिया ग्राम भी शामिल हैं। गांव सिरसा बदन, अहमदनगर वमनोई, लालपुर देहामाफी, खकरई, गोकनी, पिदौरा, सिरसा टिप्पू, हयातपुर माफी, मीरापुर, धरपसी में सरकारी नल लगे हैं।
रीबोर हैंडपंपों की सूची उनके द्वारा भेज दी जाती है, जिनको सही कराए जाने की जिम्मेदारी जल निगम की तथा खराब हैंडपंप ग्राम प्रधान सही करांएगें। यदि किसी ग्राम पंचायत की कोई शिकायत है तो उसे तत्काल निस्तारित किया जाएगा।
- मत्स्यनाथ त्रिवेदी, खंड विकास अधिकारी