एटा। नगर पालिका परिषद की रिपोर्ट पर वित्तीय वर्ष 2020-21 में एक हजार से अधिक लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया गया। बाद में इनकी पात्रता पर आपत्ति खड़ी होने के बाद जांच शुरू हुई, लेकिन अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई। जांच अभी तक अधूरी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की शुरूआत साल 2014 में हुई थी। जिसके बाद से साल 2020 तक करीब छह हजार आवेदकों को लाभ दिया गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में नगर पालिका की ओर से करीब एक हजार आवेदकों को पीएम आवास का लाभ दिया गया। जिसमें इनकी पात्रता पर कई लोगों द्वारा सवाल खड़े किए गए। जिसके बाद नगर पालिका परिषद के तत्कालीन ईओ ने इसकी जांच समिति बनाई। लेकिन हर साल की तरह जांच समिति ने कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की और न ही किसी अधिकारी पर आंच आई। साथ ही अपात्र भी पीएम आवास का लाभ ले रहे हैं।
इस साल भी पीएम आवास की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया लेकिन अधिकारियों के स्थानांतरण होने की वजह से यह प्रक्रिया भी लटक गई। इसमें एएसडीएम राम नयन, तहसीलदार सीपी सिंह, पीओ डूडा, और ईओ का शामिल किया था। जांच में शहर की पांच कांशीराम कॉलोनी में निवास करने वाले लोगों का सत्यापन किया जाना था।
हाल ही में पालिका ईओ पद का प्रभार मिला है। इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं आया है। मामले की जानकारी कर जांच कराएंगे। कोई गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।
- रामनयन, एएसडीएम व प्रभारी ईओ