तालाब किनारे बच्ची को देख लोगों की भीड़ जुट गई। एक ग्रामीण ने मानवता का परिचय देते हुए बच्ची को अपनी गोद में उठाया, उसे कपड़े पहनाए, सुरक्षित घर ले गए और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई। उनके इस कदम की गांव में सराहना हो रही है।
एटा के गांव जोगपुरा के बाहर तालाब किनारे एक नवजात बच्ची पड़ी मिली। शनिवार की सुबह बच्ची के रोने की आवाज सुनकर खेतों की ओर जा रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो कपड़े में लिपटी नवजात को देखकर उनके होश उड़ गए। सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए।
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मलावन थाना क्षेत्र के गांव जोगपुरा निवासी राकेश ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों में से कोई भी बच्ची की जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आया। ऐसे में गांव निवासी अजय यादव ने मानवता का परिचय देते हुए बच्ची को अपनी गोद में उठाया, उसे कपड़े पहनाए, सुरक्षित घर ले गए और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई। उनके इस कदम की गांव में सराहना हो रही है। घटना की सूचना पुलिस और चाइल्ड केयर यूनिट को दी गई। थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह ने बताया कि तालाब किनारे नवजात बच्ची मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। बच्ची फिलहाल सुरक्षित है और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
वहीं, चाइल्ड केयर यूनिट प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही अधिकारी सूर्यप्रताप के साथ टीम को मौके पर भेजा गया। कहा कि नियमानुसार बच्ची को संरक्षण में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी। इसके बाद बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार उसे विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।