एटा। पशुओं के लिए सालभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए पशुपालन विभाग ने अहम कदम उठाया है। इसके लिए जिले में नैपियर घास का सीड बैंक स्थापित किया जाएगा। योजना के तहत चयनित किसानों को नैपियर घास की रूट किट उपलब्ध कराई जाएगी। फिलहाल 20 किसानों को कुल 1.20 लाख नैपियर रूट किट वितरित की जाएंगी।
जिले में लगभग साढ़े छह लाख पशु हैं। इनमें से लगभग डेढ़ लाख पशु वर्तमान में दूध दे रहे हैं। इनके लिए हरे चारे की कमी पशुपालकों के सामने बड़ी समस्या है। सीवीओ डॉ. आरपी शर्मा ने बताया कि नैपियर घास की खेती को बढ़ावा देकर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। यह घास तेजी से बढ़ती है, कम समय में तैयार हो जाती है और एक बार रोपाई के बाद बार-बार कटाई पर भी पुनः उग आती है। पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह दुधारू पशुओं के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है।
पशुपालन विभाग की ओर से चयनित 20 किसानों को उन्नत किस्म की 1.20 लाख नैपियर रूट किट दी जाएगी। किसान खेतों में इसकी रोपाई करके हरा चारा तैयार कर सकेंगे। योजना के तहत किसान जितनी रूट किट प्राप्त करेंगे, उसका दोगुना रोपण सामग्री तैयार कर विभाग को वापस देंगे। इससे सीड बैंक और मजबूत होगा। इसके अलावा अन्य किसानों को भी रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। सीवीओ ने बताया कि सीड बैंक स्थापित होने से किसानों को बाजार से महंगी जड़ें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कम लागत में पर्याप्त चारा उत्पादन संभव होगा। इससे पशुपालकों को राहत मिलेगी और दूध उत्पादन में भी वृद्धि की उम्मीद है। अतिरिक्त उत्पादन को बेचकर किसान अपनी आय में भी इजाफा कर सकेंगे।
बोले किसान..
इस प्रकार की योजना से काफी लाभ होगा। पशुओं को वर्ष भर हरा चारा मिलेगा। इसकी वजह से दुधारू पशुओं को पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मिलेंगे। - मानेश कुमार, छछैना
पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में वर्षभर हरा चारा मिलेगा। इससे उनकी दुग्ध उत्पादन की क्षमता का विकास होगा और किसान व पशु पालकों की आमदनी में भी वृद्धि होगी। - जयवीर सिंह, सेंथरी
नेपीयर घास-स्रोत एआई
नेपीयर घास-स्रोत एआई