प्रभु महावीर को केवल ज्ञान के बाद मंगलवार सुबह मोक्ष की प्राप्त हुआ तो श्रावक और श्राविकाएं अभिभूत हो गए। चारों ओर भगवान महावीर के जयकारे गूंज उठे। मंगलवार को कासगंज रोड वीर विमल अहिंसा क्षेत्र पर चल रहे पंचकल्याणक महोत्सव के समापन पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रीजी की रथयात्रा निकाली गई। भगवान महावीर की प्रतिमा का महामस्तिकाभिषेक किया गया।
पंच कल्याणक मोहत्सव के समापन पर मंगलवार सुबह नित्य नियम अभिषेक और पूजन के बाद मोक्ष कल्याणक का आयोजन हुआ। स्वर्ग से अग्नि कुमार देवों ने आकर मोक्ष की क्त्रिस्या संपन्न कराई तो भक्त भक्ति में झूमते नजर आए। जैन मुनि प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने मोक्ष प्राप्त कर जगत का कल्याण किया। उन्होंने कहा कि हर इंसान में भगवान बनने की शक्ति है, लेकिन आज का इंसान भगवान नहीं शैतान बन चुका है। पैसे और प्रतिष्ठा के लालच में इंसान बुरे कम करने से नहीं चूक रहा। आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा कि मोक्ष का अर्थ होता है सारे कर्मों से निजात पाकर सिद्ध शिला को प्राप्त करना। भगवान महावीर केवल ज्ञान प्राप्त कर अरिहंत बने, लेकिन उन्होंने अपने अष्टकर्मों का हनन करके मोक्ष को प्राप्त किया है।
मूर्ति दातार राजेंद्र कुमार जैन को दानवीर भामशाह और प्रदीप गुड्डू को पार्थ की उपाधि दी गई। दोपहर मेें उत्तर भारत की सबसे बड़ी प्रतिमा भगवान महावीर का महामस्तकाभिषेक किया गया। जिसमें प्रथम कलश अमेरिका से आए प्रियेश जैन और पारूल जैन ने किया। अंत में वीर विमल क्षेत्र से भगवान महावीर की भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा कासगंज रोड, जीटी रोड, बस स्टैंड, कचहरी चौराहा, ठंडी सड़क, नन्नूमल चैराहा, पुलिया गर्वी होती हुई पुरानी बस्ती स्थित बड़े जैन मंदिर पर संपन्न हुई। रथयात्रा में जैन संतों के साथ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। युवा धार्मिक भजनों पर थिरकते नजर आए। पुरानी बस्ती बड़ा जैन मंदिर में भगवान महावीर की प्रतिमा का भव्य अभिषेक हुआ। शाम को बड़े जैन मंदिर में गुरूभक्ति का आयोजन किया गया। सर्वेश जैन, प्रदीप जैन, राजेंद्र जैन, पीयूष जैन, प्रशांत जैन, अनुपम जैन, राजीव जैन, संजीव जैन, सुनील बांदा, मोहित जैन, विजय चंद्र जैन, सुन्नेश जैन, सुधीर जैन, विवेक जैन, रवींद्र जैन, विमल जैन, मनोज जैन, समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
पंच कल्याणक देख जागा वैराग्य, धारण की दीक्षा
पंच कल्याणक महोत्सव के दौरान भगवान की माता बनने का सौभाग्य प्राप्त करने वाली नंदन बाई जैन बुआजी को संसार से वैराग्य हो गया। मोक्ष कल्याणक के मौके पर उन्होंने आचार्य सुंदर सागर महाराज ने जैनेश्वरी दीक्षा धारण की ली। वीर विमल क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को नंदनबाई जैन को आचार्य सुंदर सागर महाराज और मुनि प्रमुख सागर महाराज ने जिन दीक्षा प्रदान की। दीक्षार्थी की बिनौली यात्रा निकाली गई। साथ ही गोदभराई की रस्म अदा की गई। दीक्षार्थी के माता-पिता बनने का सौभाग्य सर्वेश कुमार जैन जिनवाणी जैन परिवार को मिला। परिवार के लोगों ने नंदनबाई जैन को दीक्षा प्रदान करने की अनुमति दी। नंदनबाई जैन का दीक्षा के बाद क्षुल्लिका सौम्यमती माताजी घोषित किया गया। चारों और क्षुल्लिका माता और जैन धर्म के जयकारे गूंजते रहे। वहीं श्रावकों ने जिनदीक्षा की अनुमोदना की।
शाकाहार प्रदर्शनी से सामाजिक कुरीतियां दूर करने का संदेश
पंच कल्याणक महोत्सव क्षेत्र पर अखिल भारतीय दिगंबर जैन महिला संगठन और युवा परिषद द्वारा शाकाहार प्रदर्शनी लगाई गई। संयोजिका बबिता जैन ने लोगों को सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के साथ शाकाहार और जीव दया करने का संकल्प दिलाया। पोस्टरों के माध्यम से लोगों को सामाजिक कुरीतियों से बचने की अपील की गई। बबिता जैन ने कहा शाकाहार प्रदर्शनी से लोगों के जीवन मेें बदलाव आया है।