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मुस्लिम समाज बच्चों की तालीम पर ध्यान दे: नजीब

Mon, 10 Apr 2017 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
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मुस्लिम समाज बच्चों की तालीम पर ध्यान दे: नजीब - फोटो : amar ujala
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विश्वविख्यात दरगाह शरीफ खानकाहे बरकातिया पर चल रहे 113वें उर्स-ए-नूरी सोमवार को कुल शरीफ की फातिहा के साथ समापन हुआ। अंतिम दिन कुल की फातिहा के बाद जायरीन को तर्बरूकात की जियारत कराई गई। उर्स में मौजूद उलेमा-ए-किरामों ने आतंकवाद को लेकर जमकर कटाक्ष किया।
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गुलशने बरकात पार्क में उर्स-ए-नूरी की कुल शरीफ की फातिहा में सज्जादानशीन सैयद नजीब हैदर नूरी ने तकरीर में कहा कि मुसलमान कभी आतंक और आतंकवादियों का समर्थन नहीं करता। दुनियाभर में जितने भी आतंकवादी संगठन हैं,  वे इस्लाम के खिलाफ हैं। जो इस्लाम पानी की फिजूल खर्ची की मना करे वो कसी के खून की इजाजत कैसे दे सकता है। जब भी मुल्क को जरूरत पड़ी मुसलमानों ने मुल्क का साथ दिया। हमने सरकार की कानून का पालन किया है। मुसलमानों को बच्चों कही तालीम के साथ उनके स्वास्थ्य और रोजगार पर भी गौर करना चाहिए। कुल शरीफ की फातिहा के बाद दुनियाभर में अमन चैन की दुआ की गई और जायरीन को पवित्र तबर्रूकात की जियारत कराई गई। जियारत के बाद सभी जायरीन अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए। उर्स के दौरान नगर पालिका परिषद ने कस्बे में साफ-सफाई के प्रबंध कराते हुए पेयजल और प्रकाश के लिए जेनरेटर की व्यवस्था कराई।

उर्स-ए-नूरी में तीसरी महफिल का आयोजन
दरगाह शरीफ में रविवार की रात खरका पोशी का रस्म अदायगी की गई। जिसमें उर्से नूरी के सज्जादा नशीन सैयद नजीब हैदर नूरी ने अपने बुजुर्ग के लिवास पहन कर अपनी हवेली सज्जादा से गुलशने बरकात में जायरीन से मुशाफा किया और अमन चैन की दुआ मांगी।
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पाकिस्तान से आये नातख्वा ं
दरगाह शरीफ में उर्स-ए-नूरी पाकिस्तान से तीन नातख्वा शहजाद बरकाती, हाफिज कामरान  कादरी, हाफिज विलाल कादरी तशरीफ लाए। तीनों ने गुलशने बरकात में नाते पढ़ी और अपने वतन से मुहब्बत रखने की सलाह देते हुए कहा कि जो अपने वतन से दगा करता है उसे खुदा कभी माफ नहीं करता। इस्लाम में आतंकवाद का कोई स्थान नहीं हैं  ।
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